नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने पहलवान विनेश फोगाट के खिलाफ भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने कहा कि मामले में हुए बाद के घटनाक्रमों को देखते हुए यह याचिका अब निष्प्रभावी हो गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि उसे दिल्ली हाई कोर्ट के निष्कर्षों और टिप्पणियों को दोहराने की आवश्यकता नहीं है। इसके साथ ही विनेश फोगाट को राहत मिल गई है और उनके ट्रायल में भाग लेने के रास्ते पर कोई कानूनी बाधा नहीं रही।
मामले की पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। अदालत ने विनेश फोगाट को चयन ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति दी थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट द्वारा आदेश पारित करने की प्रक्रिया पर कुछ चिंता भी व्यक्त की थी।
न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक आराधे की पीठ ने विनेश फोगाट को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था।
22 मई को दिल्ली हाई कोर्ट ने एशियन गेम्स के चयन ट्रायल में विनेश फोगाट को भाग लेने की अनुमति दी थी। कोर्ट ने कहा था कि WFI की चयन नीति में उनके जैसी प्रतिष्ठित खिलाड़ी के मामले पर पर्याप्त विचार नहीं किया गया, जो मातृत्व अवकाश के बाद वापसी कर रही हैं।
हाई कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया था कि 30 और 31 मई को होने वाले चयन ट्रायल की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। साथ ही भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) और भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के एक-एक स्वतंत्र पर्यवेक्षक की मौजूदगी भी सुनिश्चित की जाएगी।
दिल्ली हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान भारतीय कुश्ती महासंघ को विनेश फोगाट को नोटिस भेजने के तरीके को लेकर कड़ी फटकार भी लगाई थी।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा WFI की याचिका खारिज किए जाने के बाद अब विनेश फोगाट के लिए आगे की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का रास्ता और अधिक स्पष्ट हो गया है।
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