पिछले एक साल में भारतीय शेयर बाजार ने निवेशकों को अपेक्षित रिटर्न नहीं दिया है। जहां एक ओर निफ्टी 50 का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा, वहीं अमेरिका, जापान, दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे वैश्विक बाजारों ने शानदार तेजी दर्ज की है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर भारतीय बाजार दुनिया के अन्य प्रमुख बाजारों से पीछे क्यों छूट रहा है?
विशेषज्ञों के अनुसार भारतीय बाजार की सुस्ती के पीछे सबसे बड़ा कारण देश की दिग्गज कंपनियों का कमजोर प्रदर्शन है। भारत की सबसे बड़ी कंपनी Reliance Industries के शेयर पिछले एक वर्ष में लगभग 6 प्रतिशत तक गिर चुके हैं। इसके अलावा HDFC Bank, Tata Consultancy Services और Infosys जैसी बड़ी कंपनियां भी बाजार को मजबूत गति देने में सफल नहीं रही हैं।
दूसरी ओर दुनिया के कई प्रमुख शेयर बाजारों को उनकी अग्रणी कंपनियों ने नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। दक्षिण कोरिया में Samsung Electronics, जापान में SoftBank Group, ताइवान में TSMC और अमेरिका में NVIDIA ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिए हैं।
वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर सेक्टर में आई तेज़ी ने इन कंपनियों के शेयरों को रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा दिया है। विशेष रूप से NVIDIA और TSMC जैसी कंपनियां AI क्रांति की सबसे बड़ी लाभार्थी बनकर उभरी हैं, जिससे उनके बाजार मूल्य और निवेशकों का भरोसा दोनों तेजी से बढ़े हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि किसी भी शेयर बाजार की मजबूती काफी हद तक उसकी बड़ी कंपनियों के प्रदर्शन पर निर्भर करती है। जब बाजार के लीडर शेयर तेजी दिखाते हैं, तब पूरे इंडेक्स को समर्थन मिलता है। फिलहाल भारतीय बाजार को भी ऐसे मजबूत ग्रोथ इंजन और नेतृत्व की जरूरत है, जो निवेशकों का भरोसा बढ़ाकर बाजार को नई दिशा दे सके।
भारतीय अर्थव्यवस्था की दीर्घकालिक संभावनाएं मजबूत बनी हुई हैं, लेकिन हाल के समय में बड़ी कंपनियों के कमजोर प्रदर्शन ने शेयर बाजार की रफ्तार को प्रभावित किया है। वहीं वैश्विक बाजारों को AI और सेमीकंडक्टर सेक्टर की दिग्गज कंपनियों का मजबूत समर्थन मिला है। आने वाले समय में भारतीय बाजार की दिशा काफी हद तक उसकी अग्रणी कंपनियों के प्रदर्शन पर निर्भर करेगी।
खबरें और भी हैं...