भारत और रूस के बीच 200 तक वाणिज्यिक विमानों के संयुक्त उत्पादन को लेकर बातचीत चल रही है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में रूस के लाइसेंस के तहत Ilyushin IL-114-300 टर्बोप्रॉप विमान और SJ-100 Superjet का निर्माण किया जा सकता है।
प्रस्तावित समझौते के तहत विमानों के निर्माण में रूसी और भारतीय दोनों देशों के पुर्जों का उपयोग किया जाएगा। यदि यह समझौता अंतिम रूप लेता है, तो भारत में विमान निर्माण उद्योग को बड़ा बढ़ावा मिल सकता है और देश की एविएशन मैन्युफैक्चरिंग क्षमता मजबूत होगी।
यह पहल ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के साथ-साथ भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी को भी नई मजबूती दे सकती है। हालांकि, दोनों देशों की ओर से अभी तक इस संभावित समझौते की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
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