कान्हा टाइगर रिजर्व में करीब 100 साल बाद जंगली भैंसों को उनके प्राकृतिक आवास में फिर से बसाने के प्रयास किए जा रहे हैं। रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आठ जंगली भैंसों को 17 हेक्टेयर में फैले बड़े बाड़े में छोड़ा। इन भैंसों को असम के काजीरंगा नेशनल पार्क से लाया गया है।
छह मादा और दो नर भैंस शामिल
कान्हा लाए गए आठ जंगली भैंसों में छह मादा और दो नर शामिल हैं। शुरुआत में इन्हें छोटे बाड़े में रखा गया था, ताकि वे मध्य प्रदेश के मौसम और स्थानीय वातावरण के अनुकूल हो सकें। अब इन्हें बड़े बाड़े में रखा गया है और प्राकृतिक आवास में छोड़ने की तैयारियां की जा रही हैं।
तीन साल में 50 जंगली भैंसों को बसाने का लक्ष्य
राज्य सरकार का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में कान्हा क्षेत्र में कुल 50 जंगली भैंसों को फिर से बसाना है। इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र में जंगली भैंसों की आबादी को पुनर्स्थापित करना और जैव विविधता को बढ़ावा देना है।
वन्यजीव संरक्षण की दिशा में इस पहल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्राकृतिक आवास में भैंसों को छोड़ने से पहले उनके स्वास्थ्य, अनुकूलन और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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