मंडला शहर की 20 वर्षीय बेटी सौम्या खरे ने एक बार फिर अपनी नृत्य प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया है। इंदौर में आयोजित चार दिवसीय ऑल इंडिया 23वें कल्चरल नेशनल डांस कॉन्टेस्ट एवं फेस्टिवल ‘मालवा नृत्य महोत्सव 2026’ में सौम्या ने सेमी-क्लासिकल नृत्य वर्ग में प्रथम स्थान हासिल किया।
500 प्रतिभागियों को पीछे छोड़कर हासिल किया पहला स्थान
अखिल नटराजम् अंतर सांस्कृतिक संघ के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में 15 अलग-अलग नृत्य विधाओं में करीब 2,000 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। सेमी-क्लासिकल नृत्य वर्ग में करीब 500 प्रतिभागियों के बीच मुकाबला हुआ, जिसमें सौम्या खरे ने अपनी शानदार प्रस्तुति से प्रथम स्थान प्राप्त किया।
सौम्या को मालवा नृत्य महोत्सव अवार्ड से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही उन्हें सबसे कम उम्र की गुरु अवार्ड भी प्रदान किया गया।
बचपन से है नृत्य का शौक
सौम्या के मुताबिक, उन्हें बचपन से ही नृत्य का शौक रहा है। उनकी दादी ने महज 3 वर्ष की उम्र से उन्हें नृत्य के शुरुआती स्टेप सिखाए। परिवार का भी उन्हें लगातार पूरा सहयोग मिला।
इससे पहले सौम्या मंडला गॉट टैलेंट का खिताब भी अपने नाम कर चुकी हैं। इसके अलावा उन्होंने कई सांस्कृतिक और नृत्य प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर पुरस्कार हासिल किए हैं।
15 नृत्य विधाओं में हुआ मुकाबला
मालवा नृत्य महोत्सव में भरतनाट्यम, कथक, ओडिसी, कुचिपुड़ी, मोहिनीअट्टम, रवीन्द्र नाट्यम, आंध्रनाट्यम, पेरिनी नाट्यम, सत्त्रिया, मणिपुरी, सेमी-क्लासिकल, भारतीय लोक नृत्य, बॉलीवुड, हिप-हॉप और कंटेम्परेरी जैसी 15 नृत्य विधाओं में प्रतिभागियों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया।
मौलिकता को मानती हैं जरूरी
सौम्या का कहना है कि आज के समय में कई लोग दूसरों की नकल करते हैं, जिससे उनकी खुद की प्रतिभा सामने नहीं आ पाती। उनका मानना है कि किसी भी रचनात्मक क्षेत्र में अपनी मौलिकता बनाए रखना बेहद जरूरी है।
सौम्या ने बताया कि अब उनका लक्ष्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी नृत्य प्रतिभा का प्रदर्शन करना है।
सौम्या के पिता पुनीत मोहन खरे ने बेटी की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि परिवार को उस पर गर्व है और उनकी कामना है कि वह आगे चलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मंडला का नाम रोशन करे।
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