मध्य प्रदेश के उज्जैन में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता माया त्रिवेदी का मंगलवार देर रात आकस्मिक निधन हो गया। वह 58 वर्ष की थीं। परिजनों के अनुसार, रात में भोजन के बाद अचानक उनके सीने में तेज दर्द हुआ। उन्हें तत्काल निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों के प्रयास के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
माया त्रिवेदी लंबे समय से कांग्रेस की राजनीति और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय थीं। वह वार्ड क्रमांक 21 से लगातार तीन बार कांग्रेस पार्षद चुनी गई थीं। उन्होंने उज्जैन उत्तर विधानसभा सीट से दो बार चुनाव भी लड़ा था। वर्ष 2018 में उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा, जबकि 2023 में कांग्रेस ने उन्हें अपना अधिकृत उम्मीदवार बनाया था।
स्थानीय राजनीति में माया त्रिवेदी की मजबूत पकड़ मानी जाती थी। अपनी बेबाक और स्पष्टवादी शैली के लिए भी वह जानी जाती थीं। कांग्रेस संगठन के साथ-साथ वह ब्राह्मण समाज की सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाती थीं।
माया त्रिवेदी के निधन की सूचना मिलने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उनके उज्जैन स्थित निवास पहुंचे। उन्होंने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की।
कांग्रेस नेताओं के साथ बड़ी संख्या में सामाजिक लोग भी उनके निवास पर पहुंचकर श्रद्धांजलि दे रहे हैं। पार्टी नेताओं ने माया त्रिवेदी के निधन को कांग्रेस और उज्जैन के राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र के लिए बड़ी क्षति बताया है।
गैस सिलेंडर के दामों को लेकर किया था आंदोलन
माया त्रिवेदी सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों को लेकर सक्रिय रहती थीं। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, गैस सिलेंडर के बढ़ते दामों के विरोध में उन्होंने बड़ा आंदोलन किया था, जिसमें शहर के बीच चूल्हा जलाकर रोटियां पकाई गई थीं। वह विपक्षी दलों के खिलाफ मुखर होकर अपनी बात रखने के लिए भी जानी जाती थीं।
शिप्रा तट पर होगा अंतिम संस्कार
माया त्रिवेदी की अंतिम यात्रा बुधवार सुबह 11 बजे कार्तिक चौक स्थित उनके निवास से निकलेगी। उनका अंतिम संस्कार शिप्रा नदी के तट स्थित चक्रतीर्थ पर किया जाएगा।
माया त्रिवेदी ने अपने पति राजेश त्रिवेदी के साथ कांग्रेस की राजनीति और सामाजिक गतिविधियों में लंबे समय तक सक्रिय भूमिका निभाई। उनके निधन से उज्जैन के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक का माहौल है।
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