मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक तेल बाजार को बड़ी राहत मिली है। अमेरिका और ईरान द्वारा फिलहाल एक-दूसरे पर सैन्य हमले रोकने के फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है। इससे वैश्विक बाजारों में स्थिरता की उम्मीद बढ़ी है।
सोमवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 4 प्रतिशत गिरकर 92.82 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड लगभग 4.5 प्रतिशत टूटकर 85.29 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार को उम्मीद है कि अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत आगे बढ़ सकती है। यदि ऐसा होता है, तो हॉर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति सामान्य होने की संभावना बढ़ेगी। हालांकि, सुरक्षा कारणों से कई शिपिंग कंपनियां अभी भी इस मार्ग का उपयोग करने से बच रही हैं, जिससे आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
इस बीच, लाल सागर में हूती हमलों और रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़े जोखिम भी वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दबाव बनाए हुए हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यदि तेल आपूर्ति में फिर कोई बाधा आती है, तो कच्चे तेल की कीमतों में दोबारा तेजी देखने को मिल सकती है, जिसका असर वैश्विक महंगाई और ईंधन की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल निवेशकों और वैश्विक बाजारों की नजर अमेरिका-ईरान वार्ता और मध्य पूर्व की अगली भू-राजनीतिक गतिविधियों पर बनी हुई है।
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