मध्य प्रदेश में Cheetah Conservation Project का विस्तार करते हुए मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने सागर जिले के Veerangana Durgavati Tiger Reserve में दो चीतों को छोड़ा। इन चीतों के नाम व्योम और नीरा रखे गए हैं। Kuno National Park और Gandhi Sagar Wildlife Sanctuary के बाद यह मध्य प्रदेश का तीसरा Cheetah Habitat बन गया है।
Wildlife Conservation Week के समापन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ‘Vulture Population Estimation 2026’ रिपोर्ट और Bundelkhandi में लिखी गई Veerangana Durgavati Tiger Reserve पुस्तक का भी विमोचन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में चीतों के लिए अनुकूल आवास मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्रदेश के अभयारण्यों से करीब 80 करोड़ रुपये की आय हुई, जिसमें से 20 करोड़ रुपये आसपास के ग्रामीणों को दिए गए। सरकार बफर जोन के ग्रामीणों को Homestay की सुविधा विकसित करने और 2 से 3 लाख रुपये तक की सहायता भी दे रही है।
Mohan Yadav के अनुसार, भारत में 2022 में शुरू हुए Cheetah Project के तहत चीतों की संख्या बढ़कर 60 हो गई है। उन्होंने बताया कि अगले महीने Veerangana Durgavati Tiger Reserve में दो और चीते लाए जाएंगे। इससे यहां चीतों की संख्या चार हो जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, Veerangana Durgavati Tiger Reserve करीब 2,339 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है और Sagar, Damoh तथा Narsinghpur जिलों में स्थित है। यहां बाघ, तेंदुआ, चीतल, सांभर, नीलगाय और भालू समेत कई वन्यजीव पाए जाते हैं।
चीतों के लिए करीब 439 हेक्टेयर क्षेत्र में विशेष सुरक्षित आवास तैयार किया गया है। इसमें आधुनिक बाड़े और अन्य आवश्यक सुविधाएं मौजूद हैं। Forest Department चीतों की सुरक्षा, नियमित निगरानी और स्वास्थ्य देखभाल की व्यवस्था करेगा।
अधिकारियों का कहना है कि Veerangana Durgavati Tiger Reserve में चीतों की मौजूदगी से Sagar और Bundelkhand क्षेत्र में Wildlife Tourism को बढ़ावा मिलेगा। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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