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Ethanol Blending: ज्यादा इथेनॉल से घट सकता है कारों का माइलेज! टाटा मोटर्स के MD ने जताई चिंता
बिज़नेस 9 11 hours ago

भारत में पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने का लक्ष्य लगातार बढ़ाया जा रहा है। केंद्र सरकार इसे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानती है। हालांकि, अब ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की ओर से इस पर कुछ अहम सवाल उठाए जा रहे हैं।

टाटा मोटर्स के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ शैलेष चंद्रा ने इथेनॉल ब्लेंडिंग और फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक को लेकर अपनी राय साझा की है। उनका कहना है कि मौजूदा समय में बाजार में आने वाली नई कारें E20 फ्यूल के हिसाब से तैयार की जा रही हैं, इसलिए E20 तक किसी बड़ी समस्या की संभावना नहीं है।

ज्यादा इथेनॉल से माइलेज पर पड़ सकता है असर

शैलेष चंद्रा के अनुसार, इथेनॉल की कैलोरिफिक वैल्यू पेट्रोल की तुलना में कम होती है। यही वजह है कि इथेनॉल की मात्रा बढ़ने पर फ्यूल एफिशिएंसी यानी माइलेज में कुछ गिरावट आ सकती है।

उन्होंने कहा कि E20 तक माइलेज में कमी बहुत मामूली होगी, लेकिन फ्लेक्स-फ्यूल जैसे हाई इथेनॉल ब्लेंड्स में यह असर ज्यादा दिखाई दे सकता है। ऐसे में सरकार को ईंधन की कीमतों पर भी ध्यान देना होगा ताकि ग्राहकों को आर्थिक रूप से नुकसान न हो।

पुरानी कारों के लिए बढ़ सकती है चुनौती

टाटा मोटर्स के एमडी ने बताया कि नई कारों में E20 फ्यूल के लिए जरूरी बदलाव पहले से किए जा रहे हैं। लेकिन यदि भविष्य में इथेनॉल ब्लेंडिंग का स्तर और बढ़ाया जाता है, तो पुरानी गाड़ियों के कुछ पार्ट्स प्रभावित हो सकते हैं।

उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार, तेल कंपनियां और वाहन निर्माता मिलकर स्पष्ट रोडमैप तैयार करें ताकि भविष्य के बदलावों के लिए सभी तैयार रह सकें।

जल्द आएगी टाटा की पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार

शैलेष चंद्रा ने यह भी खुलासा किया कि टाटा मोटर्स अगले साल अपनी पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार लॉन्च करने की योजना बना रही है। यह कार कंपनी के मौजूदा मॉडल पर आधारित होगी और विभिन्न इथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन पर चल सकेगी।

क्यों घट रही है छोटी कारों की मांग?

छोटी कारों की घटती बिक्री पर बात करते हुए शैलेष चंद्रा ने कहा कि लोगों की आय में तेजी से वृद्धि हुई है, जबकि कारों की कीमतों में अपेक्षाकृत कम बढ़ोतरी हुई है।

उनके अनुसार, पिछले 10 वर्षों में कारों में कई नए फीचर्स जुड़े हैं, लेकिन कीमतों में औसतन लगभग 3 प्रतिशत की दर से वृद्धि हुई है। वहीं लोगों की आय करीब 9 प्रतिशत की दर से बढ़ी है। यही कारण है कि ग्राहक अब अधिक फीचर वाली, सुरक्षित और ज्यादा स्पेस वाली बड़ी कारों को प्राथमिकता दे रहे हैं।

ऑटो सेक्टर में तेजी से बदल रही है तस्वीर

इथेनॉल ब्लेंडिंग, फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक और ग्राहकों की बदलती पसंद भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर को नई दिशा दे रही है। आने वाले वर्षों में ईंधन के नए विकल्प और तकनीकी बदलाव वाहन उद्योग में बड़े परिवर्तन ला सकते हैं।

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