भारत के सॉफ्ट ड्रिंक बाजार में कैम्पा कोला की वापसी एक बड़ी कारोबारी कहानी बन चुकी है। कभी 70 और 80 के दशक में “द ग्रेट इंडियन टेस्ट” के नारे के साथ भारतीय ग्राहकों के दिलों पर राज करने वाला यह ब्रांड 90 के दशक में कोका-कोला और पेप्सी की वापसी के बाद धीरे-धीरे बाजार से गायब हो गया था।
लगभग तीन दशक तक गुमनामी में रहने के बाद साल 2022 में कैम्पा कोला ने नई शुरुआत की, जब रिलायंस इंडस्ट्रीज ने इस प्रतिष्ठित ब्रांड को करीब 22 करोड़ रुपये में अधिग्रहित कर लिया। इसके बाद रिलायंस ने इसे भारतीय बाजार में दोबारा स्थापित करने के लिए आक्रामक रणनीति अपनाई।
रिलायंस ने कैम्पा कोला को प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बेहद आकर्षक कीमत पर लॉन्च किया। जहां कोका-कोला और पेप्सी की छोटी बोतलें 20 रुपये के आसपास उपलब्ध थीं, वहीं कैम्पा कोला को केवल 10 रुपये में बाजार में उतारा गया। इसके साथ ही रिलायंस रिटेल के विशाल नेटवर्क और देशभर में फैले 18,000 से अधिक स्टोर्स का लाभ भी ब्रांड को मिला।
इस रणनीति का असर तेजी से देखने को मिला। वित्त वर्ष 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, कैम्पा ने 4,700 करोड़ रुपये से अधिक की ग्रॉस सेल्स दर्ज की है। कम समय में ही यह भारत का चौथा सबसे बड़ा सॉफ्ट ड्रिंक ब्रांड बन गया है और कई राज्यों में दोहरे अंकों का मार्केट शेयर हासिल करने में सफल रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पुरानी यादों से जुड़ाव, प्रतिस्पर्धी कीमतें और रिलायंस का मजबूत वितरण नेटवर्क कैम्पा कोला की सफलता के प्रमुख कारण हैं। एक समय लगभग खत्म हो चुका यह ब्रांड आज भारतीय एफएमसीजी और बेवरेज सेक्टर में वापसी की सबसे बड़ी कहानियों में गिना जा रहा है।
कैम्पा कोला की यह वापसी न केवल भारतीय ब्रांड्स की ताकत को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि सही रणनीति और मजबूत वितरण नेटवर्क के दम पर किसी भी पुराने ब्रांड को दोबारा सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।
खबरें और भी हैं...