पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का असर अब श्रीलंका की अर्थव्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है। महंगाई पर काबू पाने के लिए श्रीलंका के केंद्रीय बैंक ने नीतिगत ब्याज दरों में 1 प्रतिशत यानी 100 बेसिस पॉइंट की बड़ी बढ़ोतरी कर दी है। इसके बाद ओवरनाइट पॉलिसी रेट बढ़कर 8.75 फीसदी हो गया है।
दरअसल, अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मुज स्ट्रेट संकट की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब बनी हुई हैं। इसका असर दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं पर देखने को मिल रहा है। श्रीलंका में अप्रैल 2026 के दौरान महंगाई दर बढ़कर 5.4 फीसदी तक पहुंच गई, जबकि देश की मुद्रा पर भी दबाव बढ़ा है।
केंद्रीय बैंक के मुताबिक, बढ़ती तेल कीमतों और वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए यह कदम उठाना जरूरी हो गया था। ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बाद अब होम लोन, कार लोन और बिजनेस लोन महंगे हो सकते हैं। इसका सीधा असर आम लोगों की EMI और खर्च करने की क्षमता पर पड़ेगा।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय बैंक अक्सर महंगाई को नियंत्रित करने के लिए ब्याज दरें बढ़ाते हैं, ताकि बाजार में मांग कम हो और कीमतों पर दबाव घटे। श्रीलंका ने भी करीब तीन साल बाद इतना बड़ा कदम उठाया है।
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