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US Tariff Refund: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अमेरिका ने लौटाए 22 अरब डॉलर, आयातकों को मिली राहत
बिज़नेस 5 13 hours ago

अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने मई महीने में कस्टम ड्यूटी रिफंड के तौर पर 22 अरब डॉलर वापस किए हैं। यह रकम उन आयात शुल्कों (टैरिफ) का हिस्सा है, जिन्हें पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया भर के व्यापारिक साझेदारों पर लगाया था। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा इन व्यापक टैरिफ को अवैध घोषित किए जाने के बाद रिफंड प्रक्रिया शुरू हुई।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से लगा बड़ा झटका

फरवरी में आए एक महत्वपूर्ण फैसले में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ट्रंप प्रशासन ने विदेशी व्यापार भागीदारों पर व्यापक टैरिफ लगाने के लिए अपनी आपातकालीन आर्थिक शक्तियों का दायरा पार कर लिया था। कोर्ट के इस फैसले के बाद अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) ने प्रभावित आयातकों को पैसा लौटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी।

166 अरब डॉलर तक लौटाए जा सकते हैं

रिपोर्ट्स के अनुसार, इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत वसूले गए लगभग 166 अरब डॉलर वापस किए जाने हैं। मई में लौटाए गए 22 अरब डॉलर इस बड़े रिफंड अभियान का पहला प्रमुख चरण माने जा रहे हैं।

कानूनी लड़ाई अभी जारी

हालांकि आयातकों को रिफंड मिलना शुरू हो गया है, लेकिन मामला अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ट्रंप प्रशासन ने ट्रेड कोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील दायर की है। यूएस कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड के जज रिचर्ड ईटन ने चेतावनी दी है कि न्यायिक प्रक्रिया में किसी भी तरह की दखलअंदाजी से रिफंड प्रक्रिया धीमी पड़ सकती है।

नई 10% आयात ड्यूटी लागू

सुप्रीम कोर्ट द्वारा पुराने ग्लोबल टैरिफ रद्द किए जाने के बाद अमेरिकी प्रशासन ने दूसरे कानूनी प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए आयात पर 10 प्रतिशत की नई अस्थायी ड्यूटी लागू कर दी है। हालांकि इसे फिलहाल अस्थायी कदम बताया गया है, लेकिन भविष्य में स्थायी व्यवस्था लाने की तैयारी भी जारी है।

इन सेक्टर्स पर नहीं पड़ेगा असर

सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला स्टील, एल्यूमीनियम और ऑटोमोबाइल जैसे सेक्टर्स पर पहले से लागू विशेष टैरिफ को प्रभावित नहीं करता। इन क्षेत्रों में पुरानी शुल्क व्यवस्था फिलहाल जारी रहेगी।

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