भारतीय रुपये में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में मजबूती देखने को मिली। मंगलवार को रुपया 40 पैसे की बढ़त के साथ 95.38 प्रति डॉलर के अस्थायी स्तर पर बंद हुआ। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में रुपये में कुल 150 पैसे की तेजी दर्ज की गई है।
RBI के कदमों से रुपये को मिला सहारा
रुपये में मजबूती के पीछे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के हालिया नियामकीय उपायों को अहम माना जा रहा है। इन कदमों का उद्देश्य विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर की मांग कम करना और रुपये के खिलाफ अत्यधिक सट्टेबाजी पर अंकुश लगाना है।
तेल विपणन कंपनियों के लिए विशेष डॉलर विंडो और विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव्स से जुड़े नियमों में बदलाव से भी बाजार में डॉलर की मांग पर असर पड़ने की उम्मीद है।
डॉलर में कमजोरी और कच्चे तेल की गिरावट का असर
डॉलर इंडेक्स में गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने भी रुपये को समर्थन दिया। मंगलवार को ब्रेंट क्रूड करीब 1.93 प्रतिशत गिरकर 104.59 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से आयात बिल और डॉलर की मांग पर दबाव कम हो सकता है, जिससे रुपये को राहत मिल सकती है।
निर्मला सीतारमण ने रुपये पर क्या कहा?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पिछले डेढ़ साल में रुपये में काफी गिरावट आई है। उन्होंने संकेत दिया कि RBI घरेलू मुद्रा में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने के लिए प्रयास जारी रखेगा। सरकार का जोर देश के मजबूत व्यापक आर्थिक आधार को बनाए रखने पर है।
रुपये में आगे 90 पैसे की तेजी की संभावना?
HDFC Securities के वरिष्ठ रिसर्च एनालिस्ट दिलीप परमार के अनुसार, RBI के कदमों, डॉलर में कमजोरी, कच्चे तेल की कम कीमतों और घरेलू शेयर बाजार में सुधार से रुपये को समर्थन मिला है।
विश्लेषकों के मुताबिक, डॉलर के मुकाबले 95 का स्तर रुपये के लिए अहम सपोर्ट माना जा रहा है। यदि रुपया इस स्तर से नीचे जाता है, तो USD/INR में 94.50 तक गिरावट संभव हो सकती है। हालांकि, यह बाजार का अनुमान है, इसकी गारंटी नहीं है। वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां और भू-राजनीतिक तनाव आगे रुपये की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।
शेयर बाजार में भी जोरदार तेजी
मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार में भी मजबूत बढ़त दर्ज की गई। BSE Sensex 1,109.10 अंक चढ़कर 73,033.78 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 358.60 अंक की तेजी के साथ 22,721.95 पर पहुंच गया।
इस तरह रुपये की मजबूती, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और शेयर बाजार में तेजी ने निवेशकों का ध्यान खींचा। हालांकि, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक दबावों पर बाजार की नजर बनी रहेगी।
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