झाबुआ: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को झाबुआ जिले के थांदला में आयोजित राज्य स्तरीय क्षमता-निर्माण एवं ऋण वितरण कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री Self Help Groups (SHGs) को ₹300 करोड़ का ऋण वितरित करेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है।
SHG महिलाओं को मिलेगा बड़ा लाभ
राज्य सरकार के अनुसार, इस कार्यक्रम के तहत प्रदेशभर के स्वयं-सहायता समूहों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। अकेले झाबुआ जिले में 215 SHGs को मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत ₹10.08 करोड़ का ऋण वितरित किया जाएगा।
किसानों से करेंगे संवाद
मुख्यमंत्री प्राकृतिक खेती और जैविक खेती अपनाने वाले किसानों एवं प्रगतिशील किसानों से भी संवाद करेंगे। इस दौरान खेती में नवाचार, बेहतर उत्पादन और सरकार की योजनाओं पर चर्चा की जाएगी।
₹283 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ₹174.64 करोड़ की लागत वाली 29 विकास परियोजनाओं का भूमिपूजन करेंगे। साथ ही ₹109.17 करोड़ की लागत से तैयार 28 विकास कार्यों का लोकार्पण भी करेंगे।
कई योजनाओं के हितग्राहियों को मिलेगा लाभ
कार्यक्रम में डॉ. बीआर अंबेडकर कामधेनु योजना, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना, टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना और PM Formalisation of Micro Food Processing Enterprises (PMFME) योजना के लाभार्थियों को भी सहायता प्रदान की जाएगी।
इसके अलावा 10वीं और 12वीं के मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, किसानों को हेलमेट वितरण तथा लाडली लक्ष्मी योजना के हितग्राहियों को भी लाभ प्रदान किया जाएगा।
आजीविका मेला भी होगा आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम स्थल पर आजीविका मेला का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सरकारी विभागों और SHGs द्वारा स्थानीय उत्पाद, आदिवासी हस्तशिल्प, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, औषधीय पौधों और विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रदर्शनी लगाई जाएगी।
राज्य सरकार का कहना है कि यह कार्यक्रम महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता, ग्रामीण विकास और स्वरोजगार को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
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