देश की राजनीति में एक नए संगठन ‘E20 जनता पार्टी’ की एंट्री की घोषणा की गई है। संगठन ने E20 पेट्रोल नीति के विरोध में 4 अगस्त को संसद मार्च करने का ऐलान किया है। पार्टी का कहना है कि वह E20 ईंधन से जुड़े मुद्दों और आम लोगों की चिंताओं को लेकर अपनी आवाज बुलंद करेगी।
संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार, संसद मार्च के दौरान केंद्र सरकार से E20 पेट्रोल नीति पर पुनर्विचार करने और इससे जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की मांग की जाएगी। उनका दावा है कि इस नीति का प्रभाव आम उपभोक्ताओं और वाहन चालकों पर पड़ सकता है।
E20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है। सरकार का उद्देश्य एथेनॉल मिश्रण बढ़ाकर कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना, किसानों की आय बढ़ाना और प्रदूषण में कमी लाना है। वहीं, कुछ संगठन और वाहन उपयोगकर्ता इसके प्रभाव, वाहन अनुकूलता और रखरखाव लागत को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
फिलहाल 4 अगस्त को प्रस्तावित संसद मार्च को लेकर प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की तैयारियों पर भी नजर बनी हुई है। इस प्रदर्शन को लेकर संगठन की ओर से आगे की रणनीति जल्द साझा किए जाने की बात कही गई है।
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