भारत के कई बड़े शहर इन दिनों गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं। मुंबई में जलाशयों में केवल 30 दिनों का पानी बचा है, जबकि दिल्ली के कई इलाकों में पिछले 15-20 दिनों से नियमित जल आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
इस बीच, वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज ने चेतावनी दी है कि यदि जल प्रबंधन व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं किया गया, तो भारत भीषण जल संकट की चपेट में आ सकता है। एजेंसी के अनुसार, बढ़ती आबादी, शहरीकरण, जलवायु परिवर्तन और भूजल के अत्यधिक दोहन ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण और बेहतर जल प्रबंधन नीतियों के बिना आने वाले वर्षों में पानी की कमी देश के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।
भारत के कई हिस्सों में पहले से ही पेयजल संकट देखने को मिल रहा है, जिससे आम लोगों के साथ-साथ उद्योगों और कृषि क्षेत्र पर भी असर पड़ सकता है।
खबरें और भी हैं...