भारत की राष्ट्रपति Droupadi Murmu आज 20 जून को अपना जन्मदिन मना रही हैं। उनका जीवन संघर्ष, दृढ़ संकल्प और सेवा भावना का अद्भुत उदाहरण है। ओडिशा के एक साधारण आदिवासी परिवार से निकलकर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने वाली द्रौपदी मुर्मू करोड़ों भारतीयों के लिए प्रेरणा हैं। उनका जन्म 20 जून 1958 को ओडिशा के मयूरभंज जिले के उपरबेड़ा गांव में हुआ था। द्रौपदी मुर्मू भारत की 15वीं राष्ट्रपति हैं। वे देश की पहली आदिवासी राष्ट्रपति, दूसरी महिला राष्ट्रपति और स्वतंत्र भारत में जन्म लेने वाली पहली राष्ट्रपति हैं। जुलाई 2022 में उन्होंने राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी। अपने राजनीतिक और सामाजिक जीवन में उन्होंने हमेशा वंचित, आदिवासी और कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए काम किया है। विपरीत परिस्थितियों और व्यक्तिगत दुखों का सामना करने के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी और अपने संघर्ष से नई पहचान बनाई। उनके जन्मदिन के अवसर पर देशभर से उन्हें शुभकामनाएं दी जा रही हैं। राष्ट्रपति मुर्मू का जीवन संदेश देता है कि मेहनत, शिक्षा और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर कोई भी व्यक्ति ऊंचाइयों को छू सकता है।
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