भारतीय शेयर बाजार के लिए बीता सप्ताह बेहद शानदार रहा। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो सप्ताह के संभावित सीजफायर का संकेत दिया, तो वैश्विक बाजारों के साथ भारतीय बाजार में भी सकारात्मक माहौल बन गया। इसका असर सेंसेक्स और निफ्टी पर साफ दिखाई दिया।
पिछले पांच कारोबारी दिनों में बीएसई सेंसेक्स 4,231 अंकों यानी करीब 5.8 फीसदी की तेजी के साथ बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी ने 1,337 अंकों की छलांग लगाई। बाजार में आई इस तेजी के चलते निवेशकों की संपत्ति में 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक का इजाफा हुआ।
इस रैली में बैंकिंग सेक्टर सबसे बड़ा विजेता बनकर उभरा। एचडीएफसी बैंक के मार्केट कैपिटलाइजेशन में 91 हजार करोड़ रुपये से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं आईसीआईसीआई बैंक की बाजार पूंजी में 76 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का इजाफा हुआ।
इसके अलावा बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो (L&T) और भारती एयरटेल ने भी निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया। इन कंपनियों के शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली, जिससे इनके मार्केट कैप में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
सेंसेक्स की टॉप-10 कंपनियों में से आठ कंपनियों ने निवेशकों को मुनाफा कराया। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) भी लाभ कमाने वाली कंपनियों में शामिल रहीं।
हालांकि बाजार की इस बड़ी तेजी के बावजूद कुछ कंपनियां नुकसान में रहीं। आईटी कंपनी इंफोसिस और देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के मार्केट कैप में गिरावट दर्ज की गई। इसके बावजूद रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे बड़ी कंपनी बनी रही।
कुल मिलाकर, शेयर बाजार की इस रैली ने निवेशकों को बड़ी राहत दी है। बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में मजबूत तेजी ने निवेशकों को मालामाल कर दिया, जबकि वैश्विक तनाव में कमी के संकेतों ने बाजार के भरोसे को मजबूत किया।
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