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विप्रो का रेवेन्यू 9.1% बढ़ा, मुनाफा घटा; 2026 में शेयर 35% टूटा
बिज़नेस 7 16 hours ago

देश की दिग्गज आईटी कंपनी विप्रो ने जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 9.1% बढ़कर 24,752.7 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, कंपनी का शुद्ध मुनाफा 1.4% घटकर 3,200.6 करोड़ रुपये रह गया।
शेयर में तेजी, लेकिन सालभर में बड़ी गिरावट
तिमाही नतीजों की घोषणा से पहले गुरुवार को विप्रो का शेयर 1.83% बढ़कर 174.05 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, साल 2026 में अब तक कंपनी के शेयर में करीब 34.9% की गिरावट आ चुकी है। इस दौरान निफ्टी 50 में लगभग 12% की गिरावट दर्ज की गई। विप्रो का मार्केट कैप करीब 1.72 लाख करोड़ रुपये बताया गया।
तीन महीने में 6,716 कर्मचारी कम हुए
सितंबर तिमाही में विप्रो के कर्मचारियों की संख्या घटकर 2,36,328 रह गई, जबकि पिछली तिमाही में यह 2,43,044 थी। यानी तीन महीनों में कर्मचारियों की संख्या 6,716 कम हुई। वहीं, पिछले 12 महीनों के आधार पर कंपनी की एट्रिशन रेट मामूली सुधार के साथ 13.8% रही, जो पिछली तिमाही में 13.9% थी।
अगली तिमाही के लिए कंपनी का अनुमान
विप्रो ने अगली तिमाही में आईटी सर्विसेज से होने वाली कमाई 2.57 अरब से 2.62 अरब डॉलर के बीच रहने का अनुमान जताया है। कंपनी के अनुमान के मुताबिक, स्थिर मुद्रा आधार पर कारोबार में 1.5% तक गिरावट या अधिकतम 0.5% की बढ़त हो सकती है।
AI से ग्रोथ बढ़ाने की तैयारी
विप्रो के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर श्रीनि पल्लिया के मुताबिक, कंपनी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नई तकनीकों में निवेश किया है, जिसके सकारात्मक परिणाम दिखने लगे हैं। कंपनी को उम्मीद है कि AI नए बाजारों में विस्तार और मौजूदा ग्राहकों के साथ कारोबार बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।
कंपनी की CFO अपर्णा अय्यर के अनुसार, सितंबर तिमाही में ऑपरेटिंग मार्जिन 16.5% रहा, जो पिछली तिमाही से 0.5 प्रतिशत अंक बेहतर है।
कुल मिलाकर, विप्रो के रेवेन्यू में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन मुनाफे में गिरावट, नए ऑर्डरों में देरी और शेयर की कमजोर चाल कंपनी के लिए प्रमुख चुनौतियां बनी हुई हैं।

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