अपना राज्य चुनें
शिवसेना स्थापना दिवस पर शिंदे-उद्धव आमने-सामने, विरासत और नेतृत्व को लेकर छिड़ी जुबानी जंग
राजनीति 12 4 days ago

शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस पर महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर सियासी घमासान देखने को मिला। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अलग-अलग मंचों से एक-दूसरे पर तीखे राजनीतिक हमले किए और खुद को बालासाहेब ठाकरे की विरासत का असली उत्तराधिकारी बताया।

यह टकराव ऐसे समय में सामने आया है जब शिवसेना (यूबीटी) के छह लोकसभा सांसदों के शिंदे गुट में शामिल होने की अटकलें तेज हैं। इससे उद्धव ठाकरे की पार्टी में एक और बड़े विभाजन की संभावना जताई जा रही है।

शिंदे बोले- यह सिर्फ ट्रेलर है, फिल्म अभी बाकी है

मुंबई में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए एकनाथ शिंदे ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी राजनीतिक ताकत अभी पूरी तरह सामने नहीं आई है।

उन्होंने कहा, “यह तो सिर्फ ट्रेलर है, फिल्म अभी बाकी है। आज आपके सामने एक टाइगर खड़ा है। कुछ लोग भौंकते रहते हैं, लेकिन शेर हमेशा अकेला चलता है।”

शिंदे ने अपने गुट को बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा का असली वारिस बताते हुए कहा कि उत्तराधिकार रक्त संबंधों से नहीं, बल्कि विचारधारा और कार्यकर्ताओं की निष्ठा से तय होता है। उन्होंने दावा किया कि उनकी शिवसेना महाराष्ट्र में पहले से अधिक मजबूत होकर उभरी है।

साथ ही उन्होंने 2022 में उद्धव ठाकरे से अलग होकर भाजपा के साथ गठबंधन करने के अपने फैसले का भी बचाव किया और कहा कि विरोधियों की सभी भविष्यवाणियां गलत साबित हुई हैं।

उद्धव ठाकरे ने दिया इस्तीफे का प्रस्ताव

दूसरी ओर उद्धव ठाकरे ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए भावुक अंदाज में कहा कि यदि पार्टी कार्यकर्ताओं को लगता है कि वह नेतृत्व के योग्य नहीं हैं, तो वह तुरंत पद छोड़ने के लिए तैयार हैं।

उन्होंने कहा, “अगर किसी को लगता है कि मैं इस पद के योग्य नहीं हूं, तो सीधे कह दें। मैं अभी इस्तीफा देने को तैयार हूं।”

उद्धव ठाकरे ने यह भी कहा कि शिवसेना को “चोरों और गद्दारों” के हाथों में नहीं जाने दिया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि उन्हें न पद का लालच है और न सत्ता की भूख, बल्कि उनकी प्राथमिकता शिवसेना की विचारधारा और संगठन को बचाए रखना है।

सांसदों के पाला बदलने की अटकलें तेज

राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसद शिंदे गुट में शामिल हो सकते हैं। इनमें संजय दीना पाटिल, संजय देशमुख, संजय जाधव, भाऊसाहेब वाकचौरे, नागेश पाटिल-अष्टीकर और ओमप्रकाश राजे निंबालकर के नाम शामिल बताए जा रहे हैं।

इन सांसदों का हाल ही में उद्धव ठाकरे द्वारा बुलाई गई संसदीय दल की बैठक में शामिल न होना भी अटकलों को और हवा दे रहा है।

महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना की विरासत, नेतृत्व और संगठन को लेकर चल रही यह लड़ाई आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है।

अन्य खबरें खबरें और भी हैं...