भारत की औद्योगिक गतिविधियों में मई 2026 के दौरान मजबूती देखने को मिली है। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) के अनुसार, मई में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर बढ़कर 5.1 प्रतिशत हो गई। यह अप्रैल 2026 के 4.9 प्रतिशत और मई 2025 के 3.4 प्रतिशत की तुलना में बेहतर प्रदर्शन है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस वृद्धि में मैन्युफैक्चरिंग, बिजली उत्पादन और जल आपूर्ति क्षेत्रों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में उत्पादन बढ़ने से औद्योगिक गतिविधियों को मजबूती मिली, जबकि बिजली और गैस आपूर्ति क्षेत्र में 9.9 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
देश में स्वच्छ ऊर्जा पर बढ़ते फोकस का असर भी आंकड़ों में दिखाई दिया। नवीकरणीय बिजली उत्पादन में 18 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की गई, जो ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से हो रहे निवेश और उत्पादन क्षमता में विस्तार को दर्शाती है।
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि औद्योगिक उत्पादन में यह सुधार देश की आर्थिक गतिविधियों में तेजी का संकेत है। साथ ही, नए IIP बेस ईयर और संशोधित गणना पद्धति के कारण आंकड़ों की सटीकता और व्यापकता में भी सुधार हुआ है, जिससे औद्योगिक प्रदर्शन का बेहतर आकलन संभव हो सकेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि आने वाले महीनों में मैन्युफैक्चरिंग, ऊर्जा और बुनियादी ढांचा क्षेत्र में यही गति बनी रहती है, तो भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर को और मजबूती मिल सकती है।
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