तेजी से बढ़ती आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक के बीच जहां दुनिया भर में नौकरियों को लेकर चिंता बढ़ रही है, वहीं Microsoft ने छंटनी की बजाय एक अलग रणनीति अपनाई है।
माइक्रोसॉफ्ट अमेरिका में अपने लगभग 7% कर्मचारियों को सेल्फ रिटायरमेंट का विकल्प दे रही है। इस योजना के तहत करीब 9000 कर्मचारियों को स्वेच्छा से कंपनी छोड़ने का मौका दिया जाएगा, जिससे अचानक छंटनी की स्थिति से बचा जा सके।
इस योजना के लिए कंपनी ने “Rule of 70” लागू किया है। इसके अनुसार, किसी कर्मचारी की उम्र और कंपनी में बिताए गए वर्षों का योग 70 या उससे अधिक होना चाहिए, तभी वह इस विकल्प के लिए पात्र होगा।
कंपनी केवल वर्कफोर्स ही नहीं, बल्कि अपने बोनस, सैलरी स्ट्रक्चर और स्टॉक रिवॉर्ड सिस्टम में भी बड़े बदलाव कर रही है। इसका उद्देश्य लागत को कम करना और भुगतान प्रणाली को अधिक लचीला बनाना है।
दरअसल, माइक्रोसॉफ्ट AI इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर्स के विस्तार पर अरबों डॉलर खर्च कर रही है। ऑस्ट्रेलिया और जापान में किए जा रहे बड़े निवेश इस रणनीति का हिस्सा हैं। कंपनी अब कम कर्मचारियों के साथ अधिक उत्पादकता हासिल करने की दिशा में काम कर रही है।
माइक्रोसॉफ्ट अकेली नहीं है—Alphabet और Amazon जैसी बड़ी टेक कंपनियां भी AI क्षमताओं को बढ़ाने के लिए इसी तरह के कदम उठा रही हैं। AI की इस दौड़ में कंपनियां तेजी से अपने संसाधनों और रणनीतियों को बदल रही हैं।
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