दुनियाभर के शेयर बाजार इस समय भारी उतार-चढ़ाव के दौर से गुजर रहे हैं, जिसे आमतौर पर “मार्केट वोलैटिलिटी” कहा जाता है। यह स्थिति कई वैश्विक और घरेलू कारणों के एक साथ असर डालने से पैदा होती है।
सबसे बड़ा कारण वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता है। अमेरिका, यूरोप और एशिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में धीमी ग्रोथ, महंगाई (इन्फ्लेशन) और ब्याज दरों (इंटरेस्ट रेट) में बदलाव ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। जब केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ाते हैं, तो निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकालकर सुरक्षित विकल्पों जैसे बॉन्ड या फिक्स्ड इनकम में लगाने लगते हैं, जिससे बाजार गिरता है।
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