अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (APSEZ) ने मंगलवार को विजिनजम पोर्ट परियोजना में अपनी 49 प्रतिशत हिस्सेदारी 1.397 अरब डॉलर में टर्मिनल इन्वेस्टमेंट लिमिटेड (TiL) को बेचने के लिए समझौता किया। TiL, मेडिटेरेनियन शिपिंग कंपनी (MSC) की टर्मिनल ऑपरेटिंग इकाई है। इस सौदे के साथ विजिनजम पोर्ट का कुल मूल्यांकन 2.85 अरब डॉलर आंका गया है।
समझौते के बाद भी अडानी पोर्ट्स के पास परियोजना में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी रहेगी। कंपनी बोर्ड पर नियंत्रण बनाए रखेगी और अडानी विजिनजम पोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (AVPPL) उसकी सहायक कंपनी बनी रहेगी।
कंपनियों के अनुसार, यह भारतीय पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर में अब तक का सबसे बड़ा विदेशी निजी निवेश है। अडानी पोर्ट्स और TiL के बीच यह तीसरी साझेदारी है। इससे पहले दोनों कंपनियां मुंद्रा और एन्नोर कंटेनर टर्मिनलों पर भी साथ काम कर चुकी हैं।
निवेश दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में TiL 49 प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए 539 मिलियन डॉलर का भुगतान करेगी। इसके बाद 858 मिलियन डॉलर का निवेश पोर्ट के विस्तार में किया जाएगा, जिसे दिसंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
दिसंबर 2024 में शुरू हुए विजिनजम पोर्ट को भारत का पहला डीप-ड्राफ्ट ट्रांसशिपमेंट पोर्ट माना जाता है। वर्तमान में इसकी वार्षिक क्षमता 1.6 मिलियन TEUs है, जिसे विस्तार के बाद बढ़ाकर 5.7 मिलियन TEUs किया जाएगा।
अडानी पोर्ट्स के अनुसार, पोर्ट ने संचालन शुरू होने के 18 महीनों के भीतर 20 लाख TEUs से अधिक कार्गो संभाला है और हाल ही में अपने 1000वें जहाज का स्वागत किया। कंपनी का मानना है कि MSC के साथ यह साझेदारी पूर्वी अफ्रीका के व्यापार मार्गों तक पहुंच मजबूत करेगी, ट्रांसशिपमेंट बढ़ाएगी और बांग्लादेश जाने वाले कार्गो को आकर्षित करने में मदद करेगी।
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