भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने अपनी ताजा बैठक में रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर यथावत रखने का फैसला किया है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि समिति ने अपनी ‘न्यूट्रल’ मौद्रिक नीति को भी बरकरार रखा है।
आरबीआई के फैसले के अनुसार स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) रेट 5 प्रतिशत, जबकि मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) रेट और बैंक रेट 5.5 प्रतिशत पर कायम रहेंगे।
गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि देश में महंगाई फिलहाल नियंत्रण में है और वित्त वर्ष के अंत तक कोर इंफ्लेशन के साथ संतुलन में आने की संभावना है। हालांकि, खाद्य पदार्थों और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण हेडलाइन महंगाई पर कुछ दबाव बना रह सकता है।
उन्होंने अर्थव्यवस्था को लेकर भी सकारात्मक संकेत दिए। उनके अनुसार मजबूत घरेलू मांग, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में लगातार वृद्धि तथा बेहतर निर्यात प्रदर्शन से भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
RBI के इस फैसले से फिलहाल होम लोन, ऑटो लोन और अन्य फ्लोटिंग रेट वाले कर्जों की ब्याज दरों में तत्काल कोई बदलाव नहीं होगा। अब निवेशकों, उद्योग जगत और आम लोगों की नजर आने वाले महीनों में महंगाई और RBI की अगली मौद्रिक नीति बैठक पर रहेगी।
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