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ट्रंप के नए टैरिफ ऐलान से भारतीय फार्मा सेक्टर में हलचल, निफ्टी फार्मा इंडेक्स लुढ़का
बिज़नेस 4 15 hours ago

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई टैरिफ घोषणा ने भारतीय फार्मा उद्योग और निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। ट्रंप ने कहा है कि 1 अगस्त 2026 से आयातित जेनेरिक दवाओं पर अगले दो वर्षों तक कोई टैरिफ नहीं लगाया जाएगा, लेकिन 1 अगस्त 2028 से 100% और 1 अगस्त 2029 से 200% टैरिफ लागू किया जाएगा।

ट्रंप के अनुसार, इस फैसले का उद्देश्य अमेरिका में जेनेरिक दवाओं का घरेलू उत्पादन बढ़ाना और विदेशी आयात पर निर्भरता कम करना है।

शेयर बाजार पर दिखा असर

घोषणा के तुरंत बाद भारतीय शेयर बाजार में फार्मा कंपनियों के शेयरों पर दबाव देखने को मिला। निफ्टी फार्मा इंडेक्स करीब 1.6% तक गिर गया, जबकि सिप्ला, ल्यूपिन, सन फार्मा, डॉ. रेड्डीज़, ऑरोबिंदो फार्मा, ज़ाइडस लाइफसाइंसेज और टोरेंट फार्मा के शेयरों में लगभग 1% से 3% तक की गिरावट दर्ज की गई।

विशेषज्ञों की राय

फार्मा उद्योग के विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका के लिए केवल दो वर्षों में भारत जैसी कम लागत वाली जेनेरिक दवा निर्माण व्यवस्था विकसित करना आसान नहीं होगा। नई उत्पादन इकाइयों की स्थापना, नियामकीय मंजूरियां और व्यावसायिक उत्पादन शुरू करने में तीन वर्ष या उससे अधिक का समय लग सकता है।

भारत को लागत का फायदा

विश्लेषकों के अनुसार, भारत में जेनेरिक दवाओं के निर्माण की लागत अमेरिका की तुलना में 40% से 60% तक कम है। ऐसे में भविष्य में टैरिफ लागू होने की स्थिति में भी भारतीय कंपनियों की लागत संबंधी प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त पूरी तरह समाप्त होने की संभावना कम मानी जा रही है।

निवेशकों की नजर आधिकारिक नीति पर

फिलहाल बाजार और दवा कंपनियां अमेरिका की आधिकारिक टैरिफ नीति तथा उसके विस्तृत नियमों का इंतजार कर रही हैं। ट्रंप की घोषणा के बाद अभी तक इस संबंध में कोई औपचारिक सरकारी आदेश जारी नहीं किया गया है।

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