टाटा समूह की प्रमुख ऊर्जा कंपनी टाटा पावर अपने कारोबार के विस्तार के लिए बड़े विदेशी फंड जुटाने की तैयारी कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी करीब 45 करोड़ डॉलर (लगभग 3,900 करोड़ रुपये) का विदेशी कर्ज (External Commercial Borrowing-ECB) लेने के लिए कई अंतरराष्ट्रीय बैंकों के साथ बातचीत कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, यह कर्ज पांच साल की अवधि के लिए लिया जा सकता है। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि इस लोन के लिए टाटा पावर अपनी इंडोनेशिया और सिंगापुर स्थित सहायक कंपनियों में मौजूद हिस्सेदारी को आधार (Collateral Support) के रूप में इस्तेमाल कर सकती है। हालांकि, इस संबंध में कंपनी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
टाटा पावर आने वाले वर्षों में रिन्यूएबल एनर्जी, ट्रांसमिशन और बिजली वितरण (Distribution) के क्षेत्र में बड़े निवेश की योजना पर काम कर रही है। ऐसे में विदेशी फंडिंग से कंपनी की पूंजीगत जरूरतों को पूरा करने और नई परियोजनाओं को गति देने में मदद मिलने की उम्मीद है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर अपेक्षाकृत कम ब्याज दरों और विदेशी बैंकों की बढ़ती रुचि के कारण भारतीय ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां अब विदेशी बाजारों से पूंजी जुटाने पर अधिक ध्यान दे रही हैं। यदि यह डील सफल होती है, तो टाटा पावर की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और कंपनी की दीर्घकालिक विकास रणनीति को भी बड़ा समर्थन मिलेगा।
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