नई दिल्ली: हर वर्ष 1 जुलाई को पूरे भारत में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस (National Doctors’ Day) मनाया जाता है। यह दिन देशभर के डॉक्टरों के समर्पण, सेवा भावना और मानवता के प्रति उनके अमूल्य योगदान को सम्मान देने के लिए समर्पित है। डॉक्टर न केवल बीमारियों का इलाज करते हैं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में लोगों को नया जीवन देने का भी काम करते हैं।
भारत में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस महान चिकित्सक, शिक्षाविद और पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. बिधान चंद्र रॉय की जयंती और पुण्यतिथि के अवसर पर मनाया जाता है। उनका जन्म और निधन दोनों ही 1 जुलाई को हुआ था। चिकित्सा क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान को सम्मान देने के लिए यह दिन पूरे देश में मनाया जाता है।
इस अवसर पर अस्पतालों, मेडिकल संस्थानों और विभिन्न संगठनों द्वारा डॉक्टरों को सम्मानित किया जाता है। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों को पुरस्कार भी दिए जाते हैं। यह दिन समाज को डॉक्टरों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है।
कोरोना महामारी समेत कई स्वास्थ्य संकटों के दौरान डॉक्टरों ने अपनी जान की परवाह किए बिना मरीजों की सेवा की। उनकी निस्वार्थ सेवा और समर्पण ने यह साबित किया कि डॉक्टर समाज की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं।
राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस हमें यह याद दिलाता है कि स्वस्थ समाज के निर्माण में डॉक्टरों की भूमिका सबसे अहम होती है और उनके योगदान का सम्मान करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
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