भारतीय रंगमंच की दिग्गज अभिनेत्री और निर्देशिका विजया मेहता का 30 जून को मुंबई में 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया। परिवार के अनुसार, वह लंबे समय से बीमार थीं। उनके निधन से भारतीय थिएटर और फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
विजया मेहता का रंगमंच का सफर 1953 में मुंबई के विल्सन कॉलेज से शुरू हुआ, जब उन्होंने विलियम शेक्सपियर के प्रसिद्ध नाटक ओथेलो में डेस्डेमोना की भूमिका निभाई। उनके शानदार अभिनय से प्रभावित होकर प्रसिद्ध रंग निर्देशक इब्राहिम अल्काज़ी ने उन्हें अपने थिएटर ग्रुप में शामिल होने का निमंत्रण दिया। इसके बाद उन्होंने भारतीय रंगमंच को कई यादगार प्रस्तुतियां दीं।
विजया मेहता ने थिएटर निर्देशक फर्रुख मेहता से विवाह किया और मुंबई के अंग्रेज़ी थिएटर तथा मराठी रंगमंच को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अपनी अनुशासित कार्यशैली और उत्कृष्ट निर्देशन के लिए वह देशभर में सम्मानित रहीं।
उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) की अध्यक्ष, फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) की चेयरपर्सन और नेशनल सेंटर फॉर द परफॉर्मिंग आर्ट्स (NCPA) की कार्यकारी निदेशक के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
विजया मेहता अपने पीछे बेटी अभिनेत्री-निर्देशिका अनाहिता उबेरॉय और दो बेटों का परिवार छोड़ गई हैं। भारतीय रंगमंच में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।
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