सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। अदालत ने इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (IRDAI) और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) को एक पायलट प्रोजेक्ट तैयार करने का आदेश दिया है।
इस प्रस्तावित पायलट प्रोजेक्ट के तहत वाहनों को उनके इंश्योरेंस स्टेटस से जोड़ा जाएगा, ताकि पेट्रोल पंपों पर वाहनों के वैध थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस की जांच की जा सके। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सड़क पर चलने वाले सभी वाहन अनिवार्य थर्ड-पार्टी बीमा नियमों का पालन करें।
सुप्रीम कोर्ट का मानना है कि बड़ी संख्या में वाहन बिना वैध थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस के सड़कों पर चल रहे हैं, जिससे दुर्घटना की स्थिति में पीड़ितों को मुआवजा मिलने में कठिनाई होती है। यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो भविष्य में इसे देशभर में लागू किया जा सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस पहल से सड़क सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा, बीमा नियमों का पालन सुनिश्चित होगा और दुर्घटना पीड़ितों के हितों की बेहतर सुरक्षा हो सकेगी।
फिलहाल यह केवल एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में तैयार किया जाएगा। इसके लागू होने की प्रक्रिया, नियम और समय-सीमा को लेकर संबंधित एजेंसियां आगे की रूपरेखा तैयार करेंगी।
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