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श्री कृष्ण जन्माष्टमी 2026: देशभर में गूंजेगा श्रीकृष्ण का जयकारा, मंदिरों में होंगे भव्य आयोजन
धर्म 30 1 week ago

 

भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व देशभर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया जाएगा और भगवान श्रीकृष्ण की विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन, झांकी तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा।

जन्माष्टमी के दिन श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा करते हैं। मंदिरों में दिनभर धार्मिक अनुष्ठान और भक्ति कार्यक्रम चलते हैं, जबकि रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय विशेष आरती और पूजा की जाती है।

मंदिरों में होंगे विशेष आयोजन

श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर प्रमुख कृष्ण मंदिरों में विशेष सजावट की जाती है। भगवान श्रीकृष्ण को नए वस्त्र और आभूषण पहनाकर उनका आकर्षक श्रृंगार किया जाता है। इसके साथ ही मंदिर परिसरों में भजन-कीर्तन, संकीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

कई स्थानों पर भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़ी झांकियां भी सजाई जाती हैं। इनमें श्रीकृष्ण जन्म, बाल लीला, माखन चोरी और गोवर्धन पूजा जैसे प्रसंगों को दर्शाया जाता है।

आधी रात को होगा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव

जन्माष्टमी का सबसे खास आकर्षण रात 12 बजे होने वाला श्रीकृष्ण जन्मोत्सव होता है। मान्यता के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मध्यरात्रि में हुआ था।

रात 12 बजे मंदिरों में घंटियां और शंख बजाए जाते हैं। इसके बाद भगवान का अभिषेक कर आरती की जाती है और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाता है।

मटकी फोड़ और सांस्कृतिक कार्यक्रम

जन्माष्टमी के मौके पर कई शहरों में मटकी फोड़ कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। बच्चे और युवा भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से प्रेरित होकर दही-हांडी कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हैं।

स्कूलों और सामाजिक संस्थाओं की ओर से भी बाल कृष्ण वेशभूषा प्रतियोगिता, कृष्ण-राधा झांकी, भजन, चित्रकला और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

कृष्ण भक्ति में रंगेंगे शहर

जन्माष्टमी के दौरान बाजारों और धार्मिक स्थलों पर भी विशेष रौनक देखने को मिलती है। श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए मंदिरों में पहुंचते हैं और व्रत रखकर पूजा-अर्चना करते हैं।

भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली Mathura और Vrindavan में जन्माष्टमी का विशेष महत्व माना जाता है। यहां देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और विभिन्न धार्मिक आयोजनों में शामिल होते हैं।

श्री कृष्ण जन्माष्टमी केवल धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि प्रेम, भक्ति और धर्म की भावना का संदेश देने वाला उत्सव भी है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाओं और उनके जीवन से जुड़े प्रसंगों को याद किया जाता है।

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