आज 17 अगस्त 2026 को नाग पंचमी का पर्व श्रद्धा और धार्मिक आस्था के साथ मनाया जा रहा है। इस बार नाग पंचमी सोमवार के दिन पड़ने से इसका धार्मिक महत्व और बढ़ गया है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव का जलाभिषेक करने और नाग देवता की पूजा करने से सुख-समृद्धि बनी रहती है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, नाग पंचमी पर भगवान शिव और नाग देवता की पूजा करने से कालसर्प दोष और सर्पदंश के भय से मुक्ति की कामना की जाती है। इस दिन माता मनसा देवी की पूजा का भी विशेष महत्व माना जाता है। उन्हें नागों की अधिष्ठात्री और सर्पदंश से रक्षा करने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है। माता मनसा देवी को पद्मा और विषहरी नामों से भी जाना जाता है।
नाग पंचमी पर नाग देवता की तस्वीर या प्रतिमा के सामने विधि-विधान से पूजा की जाती है। पूजा में कच्चा दूध, चंदन, कुमकुम, अक्षत, कपूर और सफेद फूल अर्पित किए जा सकते हैं। इसके साथ भगवान शिव का जलाभिषेक भी किया जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा करने से परिवार की सुरक्षा, सुख-समृद्धि और संतान सुख की कामना पूरी होती है। हालांकि, पूजा और ज्योतिष संबंधी मान्यताएं धार्मिक आस्था पर आधारित हैं।
खबरें और भी हैं...