लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने संसद में पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के स्वागत को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और देश की खराब शिक्षा व्यवस्था के प्रतीक रहे हैं और उनका सम्मान करना लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों की अनदेखी करना है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नैतिक कारणों से नहीं, बल्कि युवाओं के आक्रोश के कारण हुआ। उन्होंने कहा कि संसद में उनका स्वागत करना उन लाखों छात्रों के भविष्य की बर्बादी का जश्न मनाने जैसा है, जिन्होंने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों का सामना किया है।
कांग्रेस नेता रेणुका चौधरी ने भी बीजेपी की आलोचना करते हुए कहा कि पूर्व शिक्षा मंत्री का इस तरह स्वागत किया जाना उचित नहीं है। वहीं कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इसे देश के युवाओं का अपमान बताते हुए कहा कि संसद में दिया गया यह संदेश गलत है।
सोमवार को शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे की घोषणा के बाद धर्मेंद्र प्रधान पहली बार संसद पहुंचे। संसद परिसर में एनडीए के कई सांसदों ने उनका स्वागत किया और उनके समर्थन में नारे लगाए। इस दौरान मीडिया के सामने भी उनका अभिवादन किया गया।
धर्मेंद्र प्रधान के स्वागत और राहुल गांधी की प्रतिक्रिया के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों इस मामले को लेकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं।
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