भारत का रूस से कच्चे तेल का आयात जून 2026 में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकता है। यह दावा एनर्जी एक्सपर्ट अनस अलहाजी ने किया है। उनके अनुसार, भारतीय बंदरगाहों पर रूसी कच्चे तेल से भरे टैंकरों की संख्या पहले के मुकाबले काफी अधिक दिखाई दे रही है, जो आयात में बड़ी बढ़ोतरी का संकेत देती है।
सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) की रिपोर्ट के मुताबिक, मई 2026 में भारत रूस से जीवाश्म ईंधन खरीदने वाला दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार रहा। इस दौरान भारत के आयात का सबसे बड़ा हिस्सा कच्चे तेल का था। रिपोर्ट के अनुसार, रूस से भारत के क्रूड ऑयल आयात में महीने-दर-महीने 21 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे देश के कुल कच्चे तेल के आयात में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई।
रूस से आने वाले कच्चे तेल की आपूर्ति गुजरात की वडीनार और जामनगर रिफाइनरी, विशाखापत्तनम रिफाइनरी, न्यू मैंगलोर रिफाइनरी और ओडिशा की पारादीप रिफाइनरी सहित कई प्रमुख रिफाइनिंग केंद्रों तक बढ़ी है। इससे भारतीय रिफाइनरियों को सस्ते दाम पर कच्चा तेल उपलब्ध हो रहा है।
यूक्रेन युद्ध के बाद पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के बावजूद रूस भारत का प्रमुख तेल आपूर्तिकर्ता बना हुआ है। रियायती दरों पर मिलने वाले रूसी कच्चे तेल ने भारतीय रिफाइनरियों की लागत कम करने के साथ-साथ उनके रिफाइनिंग मार्जिन को भी बेहतर बनाया है।
अब बाजार और ऊर्जा क्षेत्र की नजर जून के आधिकारिक आयात आंकड़ों पर टिकी है। यदि ये आंकड़े दावे की पुष्टि करते हैं, तो रूस से भारत का कच्चे तेल का आयात एक नया रिकॉर्ड बना सकता है।
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