जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की Jabalpur Bench से जुड़े एक मामले ने पुलिस चेकिंग के दौरान वाहन चालकों के अधिकारों को लेकर चर्चा बढ़ा दी है। अदालत ने पुलिसकर्मियों द्वारा वाहन चालकों के साथ कथित दुर्व्यवहार और बल प्रयोग के मामलों को गंभीरता से लिया है।
वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस अधिकारी ड्राइविंग लाइसेंस, RC, Insurance और PUC जैसे दस्तावेज मांग सकते हैं। लेकिन किसी नागरिक के साथ अनुचित व्यवहार या अनावश्यक शारीरिक बल का इस्तेमाल अधिकारों के दायरे में नहीं आता।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट पहले भी पुलिसकर्मियों द्वारा एक ऑटो चालक की पिटाई के मामले में कार्रवाई और शिकायतों की स्वतंत्र जांच की आवश्यकता पर निर्देश दे चुका है।
वाहन चालकों को क्या करना चाहिए
चेकिंग के दौरान शांत रहें और वैध दस्तावेज दिखाएं।
पुलिस अधिकारी का नाम और बैज नंबर नोट कर सकते हैं।
किसी विवाद की स्थिति में घटना का रिकॉर्ड सुरक्षित रखें।
दुर्व्यवहार होने पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों या संबंधित शिकायत निवारण व्यवस्था में शिकायत करें।
नोट: वाहन की चाबी छीनने या पुलिस के अधिकारों से जुड़े नियम परिस्थिति और लागू कानून पर निर्भर कर सकते हैं। इसलिए सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हर कानूनी दावे को बिना सत्यापन के सही नहीं मानना चाहिए।
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