वैश्विक बाजारों में इस समय तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, जिसका असर भारत समेत दुनियाभर के शेयर बाजारों पर साफ नजर आ रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आई तेजी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है और बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना दिया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड एक बार फिर 98 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जबकि इससे पहले यह 95 डॉलर के नीचे फिसल गया था। मर्बन क्रूड में भी करीब 3.5% की तेजी दर्ज की गई है, वहीं WTI क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है।
कच्चे तेल की कीमतों में इस उछाल का असर वैश्विक बाजारों पर साफ दिख रहा है। अमेरिकी बाजार में Dow Jones Industrial Average 293 अंक गिरकर बंद हुआ। वहीं एशियाई बाजारों में भी दबाव नजर आया, जहां Hang Seng Index 370 अंक नीचे ट्रेड कर रहा है और KOSPI भी गिरावट में बना हुआ है।
हालांकि जापान का Nikkei 225 300 अंकों से ज्यादा की बढ़त दिखा रहा है। वहीं Gift Nifty में 75 अंकों की तेजी देखने को मिली, जो भारतीय बाजार के लिए हल्की सकारात्मक शुरुआत का संकेत दे रही है।
इन मिले-जुले वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार की ओपनिंग सुस्त रहने की संभावना है। हालांकि पिछले कारोबारी सत्र में बाजार ने शानदार प्रदर्शन किया था, जहां सेंसेक्स 753 अंक उछलकर 79,273 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 211 अंकों की तेजी के साथ 24,576 पर पहुंच गया।
अब निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक संकेतों पर टिकी हुई है, जो आने वाले समय में बाजार की दिशा तय करेंगे।
खबरें और भी हैं...