केंद्रीय बजट 2026 को लेकर एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। लोकसभा स्पीकर Om Birla ने घोषणा की है कि इस साल का आम बजट रविवार, 1 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे संसद में पेश किया जाएगा। रविवार को बजट पेश होना अपने आप में बेहद दुर्लभ और खास माना जा रहा है।
आमतौर पर संसद के बजट सत्र और बजट प्रस्तुति सप्ताह के कार्यदिवसों में होती है, लेकिन इस बार सरकार ने रविवार को भी संसद सत्र बुलाने का फैसला लिया है। इससे बजट को लेकर राजनीतिक गलियारों से लेकर आम जनता तक उत्सुकता और चर्चा दोनों तेज हो गई हैं।
सरकार की ओर से मंजूर प्रस्ताव के मुताबिक, संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से 2 अप्रैल 2026 तक दो चरणों में आयोजित होगा।
पहला चरण: 28 जनवरी से 13 फरवरी 2026
दूसरा चरण: 9 मार्च से 2 अप्रैल 2026
पहले चरण के बाद अवकाश रहेगा और फिर दूसरे चरण में बजट से जुड़े विधेयकों व चर्चाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।
रविवार को संसद सत्र बुलाना आम बात नहीं है। ऐसा आमतौर पर तभी किया जाता है जब मामला बेहद महत्वपूर्ण हो और समयसीमा सीमित हो। विशेषज्ञ इसे सरकार की “फोकस्ड प्लानिंग” का संकेत मान रहे हैं, ताकि बजट को समय पर पेश कर आर्थिक योजनाओं को जल्द लागू किया जा सके।
2017 से 1 फरवरी को बजट पेश करने की परंपरा शुरू हुई थी और तब से यह तारीख नहीं बदली गई, लेकिन रविवार को बजट पेश होना पहली बार इस परंपरा को और खास बना रहा है।
इस सवाल पर निवेशकों की खास नजर है। CNBC Awaaz पर एक्सपर्ट्स का कहना है कि पूरी संभावना है कि स्टॉक एक्सचेंज जल्द ही इसको लेकर नोटिफिकेशन जारी करेंगे।
अगर रविवार को बाजार बंद रहते हैं, तो सोमवार 2 फरवरी 2026 को शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, एक्सपर्ट्स के मुताबिक इसकी संभावना कम है।
रविवार को बजट आने का मतलब यह भी है कि बाजारों की पहली प्रतिक्रिया सीधे सोमवार सुबह देखने को मिलेगी, जिससे कारोबारी दिन काफी उतार-चढ़ाव भरा हो सकता है।
इस साल वैश्विक आर्थिक चुनौतियों, घरेलू सुधारों और विकास की जरूरतों को देखते हुए बजट से कई बड़े फैसलों की उम्मीद की जा रही है। वित्त मंत्री इस दिन:
देश की अर्थव्यवस्था की दिशा
टैक्स स्ट्रक्चर
सरकारी योजनाएं
सामाजिक कल्याण कार्यक्रम
विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े ऐलान
सदन में पेश करेंगी।
रविवार को बजट पेश होने की वजह से आम जनता भी इसे आराम से लाइव देखने को लेकर उत्साहित है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बजट न सिर्फ आर्थिक दृष्टि से, बल्कि समय और परंपरा के लिहाज से भी यादगार रहने वाला है।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि वित्त मंत्री इस बार देश के लिए कौन-कौन से बड़े ऐलान करती हैं।
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