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भारतीय शेयर बाजार से विदेशी निवेशकों की बड़ी बिकवाली, 2026 में अब तक 2.2 लाख करोड़ रुपये निकाले
बिज़नेस 6 3 hours ago

भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की बिकवाली लगातार बढ़ती जा रही है। ग्लोबल इकोनॉमी में अनिश्चितता और बढ़ते जियो-पॉलिटिकल तनाव के बीच विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक यानी FPI भारतीय बाजार से तेजी से पैसा निकाल रहे हैं। इसका असर शेयर बाजार के साथ-साथ भारतीय रुपये पर भी साफ दिखाई दे रहा है।

नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड यानी NSDL के आंकड़ों के मुताबिक, मई 2026 में अब तक विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार से 27 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा निकाल चुके हैं। वहीं पूरे साल 2026 की बात करें तो अब तक कुल 2.2 लाख करोड़ रुपये की निकासी हो चुकी है। इससे पहले साल 2025 में भी विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से 1.66 लाख करोड़ रुपये निकाले थे।

आंकड़ों के अनुसार, फरवरी को छोड़कर विदेशी निवेशक इस साल लगभग हर महीने बिकवाली करते रहे हैं। जनवरी 2026 में विदेशी निवेशकों ने करीब 35,962 करोड़ रुपये निकाले थे, जबकि फरवरी में 22,615 करोड़ रुपये का निवेश किया गया था। हालांकि मार्च में रिकॉर्ड 1.17 लाख करोड़ रुपये की भारी बिकवाली देखने को मिली। अप्रैल में भी विदेशी निवेशकों ने 60,847 करोड़ रुपये बाजार से निकाले। मई में भी यह ट्रेंड जारी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लोबल आर्थिक अनिश्चितता, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अलग-अलग क्षेत्रों में बढ़ते जियो-पॉलिटिकल तनाव की वजह से निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता प्रभावित हुई है। इसके अलावा अमेरिका में डॉलर की मजबूती और ऊंची बॉन्ड यील्ड के चलते विकसित बाजार निवेशकों के लिए ज्यादा आकर्षक बन गए हैं। अमेरिकी शेयर बाजार लगातार रिकॉर्ड हाई पर बना हुआ है, जिसके चलते विदेशी निवेशक भारत जैसे उभरते बाजारों से पैसा निकाल रहे हैं।

विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली का असर भारतीय रुपये पर भी देखने को मिल रहा है। साल की शुरुआत में डॉलर के मुकाबले रुपया करीब 90 के स्तर पर था, लेकिन अब यह गिरकर लगभग 96 रुपये प्रति डॉलर तक पहुंच गया है। जानकारों का कहना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहीं, तो आने वाले समय में रुपये पर और दबाव बढ़ सकता है।

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