भारत के महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने स्टूडेंट प्रोटेस्ट और परीक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि छात्रों को कभी यह महसूस नहीं होना चाहिए कि उनकी कड़ी मेहनत बेकार जा रही है।
छात्रों की मेहनत का सम्मान जरूरी
सचिन तेंदुलकर ने कहा कि हर छात्र अपनी पढ़ाई और परीक्षा के लिए पूरी मेहनत करता है। ऐसे में यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि उनकी मेहनत का सही मूल्य मिले और उन्हें निष्पक्ष अवसर प्राप्त हो।
पिता की सीख को किया याद
सचिन ने अपने पिता को याद करते हुए कहा कि उनके पिता एक प्रोफेसर थे और वे युवाओं का मार्गदर्शन किया करते थे। उन्होंने बताया कि उनके पिता हमेशा एक बात सिखाते थे—
“असफल हो जाना ठीक है, लेकिन नकल करना बिल्कुल ठीक नहीं।”
सचिन ने कहा कि यही सीख आज भी उतनी ही प्रासंगिक है और ईमानदारी ही सफलता की सबसे मजबूत नींव है।
छात्रों के समर्थन में आया संदेश
सचिन तेंदुलकर का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब परीक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर देशभर में चर्चा हो रही है। उनके संदेश को छात्रों की मेहनत, ईमानदारी और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली के समर्थन के रूप में देखा जा रहा है।
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