ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज निक मैडिनसन की करीब एक दशक बाद टेस्ट क्रिकेट में वापसी यादगार नहीं रही। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ डरबन टेस्ट के पहले दिन वह 33 गेंदों का सामना करने के बाद बिना खाता खोले आउट हो गए। मार्को जानसन की गेंद पर कट शॉट खेलने की कोशिश में उनका ऑफ स्टंप उखड़ गया।
मैडिनसन ने अपना पिछला टेस्ट मैच साल 2016 में पाकिस्तान के खिलाफ मेलबर्न में खेला था। करीब 10 साल और 3,580 दिनों के अंतराल के बाद टेस्ट क्रिकेट में लौटे इस बल्लेबाज से टीम को बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन वह अपनी पारी में एक भी रन नहीं बना सके।
शून्य पर आउट होने से पहले 33 गेंदें खेलीं
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, टेस्ट क्रिकेट में शून्य पर आउट होने वाले ओपनरों में सबसे ज्यादा गेंदों का सामना करने का रिकॉर्ड न्यूजीलैंड के डैरिन मरे के नाम है। उन्होंने 1995 में श्रीलंका के खिलाफ 39 गेंदें खेली थीं। मैडिनसन ने 33 गेंदों का सामना करके इस सूची में तीसरा स्थान हासिल किया।
ऑस्ट्रेलिया के किसी ओपनर द्वारा टेस्ट क्रिकेट में बिना खाता खोले आउट होने से पहले इतनी गेंदें खेलने का यह अनचाहा रिकॉर्ड भी चर्चा में रहा।
वापसी से पहले भी थी चर्चा
मैडिनसन की टीम में वापसी इसलिए भी चर्चा का विषय थी, क्योंकि उन्होंने एक साल से ज्यादा समय तक कोई प्रथम श्रेणी मैच नहीं खेला था। इसके बावजूद टीम प्रबंधन ने उन पर भरोसा जताते हुए टेस्ट टीम में मौका दिया।
हालांकि, डरबन टेस्ट की पहली पारी में उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। अब देखना होगा कि आगामी मुकाबलों में वह अपने प्रदर्शन से टीम प्रबंधन के भरोसे पर कितना खरा उतर पाते हैं।
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