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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: सिर्फ 39 पदक, फिर भी भारत का प्रदर्शन क्यों रहा ऐतिहासिक?
स्पोर्ट्स 5 16 hours ago

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने कुल 39 पदक जीतकर अपना अभियान समाप्त किया। भारतीय दल के खाते में 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक आए। आंकड़ों के हिसाब से यह भारत का 1998 के बाद सबसे कम पदक प्रदर्शन है, लेकिन इस बार की परिस्थितियों को देखते हुए यह उपलब्धि बेहद खास मानी जा रही है।

इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स में केवल 10 खेलों को शामिल किया गया था। आर्थिक कारणों से शूटिंग, कुश्ती, बैडमिंटन, टेबल टेनिस और हॉकी जैसे भारत के सबसे सफल खेलों को कार्यक्रम से बाहर कर दिया गया। गौरतलब है कि 2022 के बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में इन्हीं पांच खेलों से भारत को 30 पदक मिले थे।

इन चुनौतियों के बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। भारत ने कुल 39 पदकों के साथ मेजबान स्कॉटलैंड को सिल्वर मेडल के आधार पर पीछे छोड़ दिया।

भारतीय मुक्केबाजों ने इस बार सबसे शानदार प्रदर्शन किया। टीम ने 10 पदक, जिनमें 7 स्वर्ण शामिल हैं, जीतकर नया इतिहास रचा। वहीं, जूडो में भारत ने पहली बार दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए। एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 16 पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया।

वेटलिफ्टिंग में स्टार खिलाड़ी मीराबाई चानू ने लगातार तीसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स का स्वर्ण पदक जीतकर अपनी बादशाहत कायम रखी।

कुल मिलाकर, 39 पदकों का आंकड़ा भले ही पिछली बार की तुलना में कम दिखाई देता हो, लेकिन सीमित खेलों और कठिन परिस्थितियों में भारत का यह प्रदर्शन भविष्य के लिए एक मजबूत संदेश देता है। यह अभियान भारतीय खेलों की नई दिशा और बढ़ती विविधता का संकेत भी माना जा रहा है।

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