इंदौर के प्रतिष्ठित शिशुकुंज स्कूल में सामने आए फूड पॉइजनिंग मामले की जांच रिपोर्ट में कई गंभीर दावे किए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, स्कूल परिसर में बच्चों को उपलब्ध कराया जाने वाला पीने का पानी दूषित पाया गया, जिसमें बैक्टीरिया की मौजूदगी की बात सामने आई है।
इसके अलावा, स्कूल कैंटीन से लिए गए खाद्य नमूनों की जांच में कथित तौर पर एक्सपायरी डेट का नमकीन, घटिया गुणवत्ता का सोयाबीन तेल और गलत तरीके से स्टोर की गई आइसक्रीम मिलने की जानकारी सामने आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि दूषित पानी और खाद्य सामग्री बच्चों की तबीयत बिगड़ने की संभावित वजह हो सकती है।
इस घटना के बाद अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और खाद्य गुणवत्ता को लेकर सख्त मानकों का पालन होना चाहिए। वहीं, प्रशासन द्वारा मामले की जांच जारी है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
यह मामला एक बार फिर स्कूलों में खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता और बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अभिभावकों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त निगरानी की मांग की है।
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