आंध्र प्रदेश में चक्रवाती तूफान मुरासु ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। राज्य के 15 जिलों में 30 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में खड़ी फसलें प्रभावित हुई हैं। इनमें कृष्णा, बापटला और नंदयाल जिले सबसे ज्यादा प्रभावित बताए गए हैं। सरकारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, धान, कपास और मक्का की फसलों को सबसे अधिक नुकसान हुआ है।
15 जिलों के 132 मंडलों पर असर
प्रारंभिक आकलन के मुताबिक, चक्रवात के कारण 15 जिलों में 30,661 एकड़ क्षेत्र की फसलें बर्बाद हुई हैं। तूफान का असामान्य प्रभाव 15 जिलों के 132 मंडलों में देखने को मिला। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं।
10 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
चक्रवात के खतरे को देखते हुए 10,805 लोगों को सुरक्षित निकालकर चक्रवात राहत केंद्रों में पहुंचाया गया। राज्य सरकार ने 171 राहत शिविर बनाए और लोगों के बीच 14,810 फूड पैकेट वितरित किए।
राहत कार्यों के लिए 11 NDRF और 13 SDRF टीमों को तैनात किया गया। इसके अलावा बिजली आपूर्ति और अन्य जरूरी सेवाओं के लिए 613 जनरेटर की व्यवस्था की गई है। फायर विभाग की 185 टीमें गिरे हुए पेड़ों को हटाने और जलभराव की समस्या दूर करने में जुटी हैं।
गर्भवती महिलाओं और मरीजों के लिए विशेष इंतजाम
चक्रवात के प्रभाव से पहले एहतियात के तौर पर 3,066 गर्भवती महिलाओं और 1,008 स्तनपान कराने वाली माताओं को अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 13 जिलों में 725 मेडिकल टीमें भेजी गईं, जबकि 362 एंबुलेंस को अलर्ट पर रखा गया।
प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, चक्रवात से कृषि क्षेत्र को बड़ा नुकसान हुआ है और प्रभावित किसानों को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
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