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इंदौर में दशहरे पर पहली बार होगा शूर्पणखा दहन, ‘पौरुष’ संस्था करेगी आयोजन
मध्यप्रदेश 20 4 days ago

इंदौर में इस बार दशहरे पर रावण दहन के साथ जुड़ी परंपरा से अलग एक नया आयोजन चर्चा में है। 20 अक्टूबर को शहर में पहली बार शूर्पणखा दहन किया जाएगा। संस्था ‘पौरुष’ की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में पांच चर्चित महिला अपराधियों के मामलों को प्रतीकात्मक रूप से प्रस्तुत किया जाएगा।

आयोजकों के मुताबिक, यह कार्यक्रम महालक्ष्मी नगर के मैदान में दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित होगा। संस्था ने इस पहल को गंभीर अपराधों, दोषियों को सजा और न्याय व्यवस्था में समानता से जुड़े सवालों को सार्वजनिक चर्चा में लाने का प्रयास बताया है।
नीले ड्रम और सांप से हत्या के मामलों का भी उल्लेख
आयोजन से जुड़े प्रचार में मेरठ के चर्चित नीले ड्रम मामले की आरोपी मुस्कान और सांप से कटवाकर हत्या कराने के मामले से जुड़ी महिला का उल्लेख किया गया है। आयोजकों के अनुसार, पांच महिला आरोपियों के मामलों को इस आयोजन का हिस्सा बनाया जाएगा।

संस्था के अध्यक्ष अशोक दशोरा का कहना है कि कार्यक्रम का उद्देश्य गंभीर अपराधों में सजा के क्रियान्वयन और न्याय व्यवस्था से जुड़े सवाल उठाना है। संस्था ने दावा किया है कि देश में करीब 45 महिलाओं को मृत्युदंड सुनाया जा चुका है, लेकिन इन सजाओं पर अमल नहीं हुआ है। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
रावण दहन की परंपरा से अलग होगा आयोजन
दशहरे पर रावण दहन को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में शूर्पणखा दहन का यह प्रस्तावित आयोजन अपने अलग स्वरूप के कारण चर्चा में है। इसमें रामायण के पात्र शूर्पणखा को आधुनिक आपराधिक मामलों से जोड़कर प्रतीक के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।

इस प्रतीकात्मक प्रस्तुति को लेकर सामाजिक बहस भी हो सकती है, क्योंकि रामायण का पात्र और अलग-अलग आपराधिक मामलों में आरोपी महिलाएं दो अलग संदर्भ हैं। संबंधित मामलों में आरोप, न्यायिक निष्कर्ष और सजा की स्थिति को अलग-अलग समझना महत्वपूर्ण है।
पिछले साल भी प्रस्तावित था ऐसा आयोजन
रिपोर्ट के अनुसार, संस्था ने पिछले साल भी राजा रघुवंशी हत्याकांड की आरोपी सोनम रघुवंशी का पुतला शूर्पणखा के रूप में जलाने का कार्यक्रम प्रस्तावित किया था। हालांकि, हाई कोर्ट के आदेश के बाद वह आयोजन रद्द कर दिया गया था।

इस बार प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर आगे क्या प्रशासनिक या कानूनी स्थिति बनती है, इस पर नजर रहेगी।

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