मध्य प्रदेश में शुक्रवार, 11 सितंबर को देशव्यापी बैंक हड़ताल के चलते बैंकिंग सेवाओं पर बड़ा असर पड़ा है। प्रदेश की करीब 7 हजार बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित हुआ है और करीब 42 हजार बैंक कर्मचारी एवं अधिकारी हड़ताल में शामिल हुए हैं। बैंक कर्मचारियों की यह हड़ताल 5 Days Banking लागू करने समेत कई लंबित मांगों को लेकर की जा रही है। इसके अलावा पेंशन लाभ में सुधार, महंगाई भत्ते की गणना में एकरूपता और NPS से जुड़े कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना में जाने का विकल्प देने जैसी मांगें भी शामिल हैं। हड़ताल के कारण बैंक शाखाओं में कैश जमा और निकासी, चेक क्लियरेंस, FD से जुड़े काम, सरकारी ट्रेजरी और अन्य काउंटर सेवाएं प्रभावित हुई हैं। बैंक कर्मचारी संगठन के मुताबिक, मध्य प्रदेश में एक दिन के दौरान करीब ₹5,500 करोड़ के बैंकिंग कारोबार पर असर पड़ा है। ग्राहकों के लिए राहत की बात यह है कि UPI, ATM, मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं शाखा बंद रहने के बावजूद उपलब्ध रह सकती हैं, हालांकि उनकी उपलब्धता बैंक और तकनीकी व्यवस्था पर निर्भर करेगी। शाखा से जुड़े जरूरी काम के लिए ग्राहकों को हड़ताल की स्थिति को ध्यान में रखते हुए योजना बनाने की सलाह दी गई है। 11 सितंबर की हड़ताल के बाद 12 सितंबर को दूसरा शनिवार और 13 सितंबर को रविवार होने के कारण कई ग्राहकों के लिए बैंक शाखाओं से जुड़ी सेवाओं में लगातार तीन दिन तक व्यवधान रह सकता है।
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