आज, 10 सितंबर 2026 को महारानी अहिल्याबाई होलकर की 231वीं पुण्यतिथि मनाई जा रही है। हिंदू पंचांग के अनुसार महारानी अहिल्याबाई होलकर की पुण्यतिथि भाद्रपद कृष्ण चतुर्दशी को मनाई जाती है।
महारानी अहिल्याबाई होलकर को भारतीय इतिहास की महान और न्यायप्रिय शासिकाओं में गिना जाता है। उन्होंने अपने शासनकाल में जनकल्याण, धार्मिक स्थलों के पुनर्निर्माण और सामाजिक हित से जुड़े कार्यों को विशेष प्राथमिकता दी।
न्यायप्रिय शासन के लिए प्रसिद्ध थीं अहिल्याबाई
महारानी अहिल्याबाई होलकर का शासन सादगी, न्याय और जनसेवा के लिए जाना जाता है। उन्होंने प्रजा की समस्याओं को गंभीरता से सुना और राज्य में प्रशासन को मजबूत बनाने पर जोर दिया।
उनके शासन की सबसे बड़ी विशेषताओं में आम लोगों के हितों को प्राथमिकता देना शामिल था। यही वजह है कि आज भी उन्हें एक आदर्श शासक के रूप में याद किया जाता है।
धार्मिक स्थलों के पुनर्निर्माण में अहम योगदान
महारानी अहिल्याबाई होलकर ने देश के कई प्रमुख धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार और पुनर्निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। काशी, गया, सोमनाथ और अन्य तीर्थस्थलों से जुड़े उनके निर्माण कार्य आज भी उनकी विरासत का हिस्सा माने जाते हैं।
उन्होंने मंदिरों के साथ-साथ घाट, कुएं और धर्मशालाओं के निर्माण जैसे जनोपयोगी कार्यों को भी बढ़ावा दिया।
जनकल्याण और सादगी की मिसाल
अहिल्याबाई होलकर का जीवन केवल शासन तक सीमित नहीं था। वे जनकल्याण और समाज सेवा को भी शासन का महत्वपूर्ण हिस्सा मानती थीं। उनकी सादगी, संवेदनशीलता और प्रशासनिक क्षमता उन्हें भारतीय इतिहास की विशिष्ट महिला शासकों में स्थान देती है।
10 सितंबर 2026 को उनकी 231वीं पुण्यतिथि पर देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है। उनकी न्यायप्रियता, जनसेवा और लोककल्याण की विरासत आज भी लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
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