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MP में RGPV अब 3 यूनिवर्सिटी में बंटेगा, राजीव गांधी नाम हटेगा; जानें किस संभाग में कौन सा विश्वविद्यालय होगा
मध्यप्रदेश 25 1 week ago

मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV), भोपाल के पुनर्गठन को मंजूरी दी गई है। अब RGPV की जगह प्रदेश में तीन अलग-अलग प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय स्थापित किए जाएंगे।

सरकार के मुताबिक, इस फैसले का उद्देश्य तकनीकी शिक्षा को क्षेत्रीय स्तर पर मजबूत करना, प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना, क्षेत्रीय संतुलन कायम करना और विद्यार्थियों को बेहतर तकनीकी एवं कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराना है।

RGPV की जगह बनेंगे तीन विश्वविद्यालय

नई व्यवस्था के तहत मौजूदा RGPV भोपाल को मध्य भारत प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा। वहीं उज्जैन के स्वशासी इंजीनियरिंग कॉलेज को मालवा प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय और जबलपुर के स्वशासी इंजीनियरिंग कॉलेज को महाकौशल प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय बनाया जाएगा।

तीनों विश्वविद्यालयों के संचालन के लिए अलग-अलग अधिनियम बनाए जाएंगे। इसके बाद प्रदेश के तकनीकी कॉलेजों और संस्थानों को क्षेत्र के हिसाब से इन तीन विश्वविद्यालयों के अधीन किया जाएगा।

राजीव गांधी के नाम में भी बदलाव

इस फैसले के बाद मौजूदा राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के नाम से राजीव गांधी का नाम हट जाएगा। इसके स्थान पर तीनों विश्वविद्यालय मध्य भारत, मालवा और महाकौशल क्षेत्र के नाम से संचालित होंगे। यह बदलाव नई कानूनी और प्रशासनिक व्यवस्था लागू होने के बाद प्रभावी होगा।

किस विश्वविद्यालय के तहत कौन से संभाग आएंगे?

सरकार की स्वीकृत व्यवस्था के अनुसार प्रदेश के तकनीकी संस्थानों को संभागवार तीन विश्वविद्यालयों में बांटा जाएगा।

1. मध्य भारत प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय, भोपाल
इसके क्षेत्राधिकार में भोपाल, नर्मदापुरम, चंबल और ग्वालियर संभाग शामिल होंगे।

2. मालवा प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय, उज्जैन
इसके अंतर्गत उज्जैन और इंदौर संभाग के तकनीकी संस्थान आएंगे।

3. महाकौशल प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय, जबलपुर
इसके क्षेत्राधिकार में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग शामिल होंगे।

3.83 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों पर पड़ेगा असर

वर्तमान में RGPV के तहत 13 पाठ्यक्रम, 585 संस्थान और 3.83 लाख से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इन तकनीकी संस्थानों का प्रशासन एक ही विश्वविद्यालय के बजाय तीन क्षेत्रीय विश्वविद्यालयों के माध्यम से संचालित होगा।

सरकार का मानना है कि क्षेत्रीय विश्वविद्यालय बनने से संबंधित इलाकों में तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास पर अधिक केंद्रित तरीके से काम किया जा सकेगा।

तीनों विश्वविद्यालयों के लिए अलग व्यवस्था

भोपाल स्थित विश्वविद्यालय पहले से मौजूद RGPV के ढांचे से विकसित होगा, जबकि उज्जैन और जबलपुर में नए विश्वविद्यालयों के संचालन के लिए आवश्यक प्रशासनिक पदों को भी मंजूरी दी गई है। इनमें कुलपति, कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक, उप कुलसचिव और वित्त अधिकारी जैसे पद शामिल हैं।

इस फैसले के बाद मध्य प्रदेश में तकनीकी शिक्षा का पूरा ढांचा क्षेत्रीय आधार पर पुनर्गठित होने जा रहा है। अब आगे की प्रक्रिया अलग-अलग अधिनियम बनाए जाने और नई प्रशासनिक व्यवस्था लागू होने के बाद पूरी होगी।

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