मध्य प्रदेश में इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व खास अंदाज में मनाने की तैयारी है। 4 सितंबर 2026 को प्रदेशभर में धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री निवास पर विशेष आयोजन होगा, जिसमें 1000 से ज्यादा बच्चे बाल-कृष्ण के स्वरूप में अपने परिजनों के साथ शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री निवास पर होने वाले कार्यक्रम में मटकी फोड़, भक्ति गायन और लोकनृत्य समेत कई सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। बच्चों को माखन-मिश्री, लड्डू गोपाल और भगवान श्रीकृष्ण के बाल जीवन से जुड़े प्रसंगों पर आधारित साहित्य भेंट किए जाने की भी योजना है।
81 प्रमुख कृष्ण मंदिरों में होंगे विशेष आयोजन
जन्माष्टमी के अवसर पर प्रदेश के करीब 81 प्रमुख कृष्ण मंदिरों और धार्मिक स्थलों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मंदिरों में आकर्षक सजावट, भजन-कीर्तन, दीप प्रज्ज्वलन, सामूहिक आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। स्थानीय कलाकारों और भजन मंडलियों को भी इन आयोजनों से जोड़ा जाएगा।
सरकार के निर्देश के अनुसार प्रत्येक जिले के प्रमुख कृष्ण मंदिरों, मठों और देवालयों में विशेष श्रृंगार कराया जाएगा। सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता अभियान, मटकी सज्जा, मटकी फोड़, भजन गायन और बांसुरी वादन जैसी गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।
स्कूलों में होंगी मटकी और बांसुरी प्रतियोगिताएं
इस बार जन्माष्टमी के आयोजनों में स्कूली बच्चों की भागीदारी पर भी विशेष जोर दिया गया है। स्कूलों में मटकी प्रतियोगिता, बांसुरी प्रतियोगिता, जीवंत झांकी निर्माण और तात्कालिक भाषण प्रतियोगिता आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। छोटे बच्चों को बाल-कृष्ण के रूप में तैयार कर विशेष प्रस्तुतियां भी कराई जाएंगी।
जनजातीय क्षेत्रों के बच्चों को भी जोड़ा जाएगा
जनजातीय छात्रावासों और आश्रम शालाओं में भी जन्माष्टमी से जुड़े कार्यक्रम होंगे। यहां श्रीकृष्ण वेशभूषा, चित्रकला, भजन और बांसुरी से संबंधित प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। स्थानीय जनजातीय संस्कृति और कृष्ण से जुड़े प्रसंगों को भी इन गतिविधियों में शामिल किया जाएगा।
बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण पर भी फोकस
सरकार ने जन्माष्टमी के आयोजनों को बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण से भी जोड़ने की तैयारी की है। 29 अगस्त से 4 सितंबर तक विशेष पोषण और स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। आंगनवाड़ी केंद्रों और प्राथमिक स्कूलों में विशेष भोजन व्यवस्था कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस अभियान में महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग मिलकर काम करेंगे।
भोपाल में सात दिवसीय श्रीरासलीला समारोह
जन्माष्टमी के अवसर पर भोपाल में सात दिवसीय श्रीरासलीला समारोह भी आयोजित किया जा रहा है। इसके अलावा उन धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों पर भी कार्यक्रम होंगे, जिनका संबंध भगवान श्रीकृष्ण से माना जाता है। इनमें उज्जैन का गोपाल मंदिर और सांदीपनि आश्रम समेत कई प्रमुख स्थान शामिल हैं।
4 सितंबर को मनाई जाएगी जन्माष्टमी
साल 2026 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का मुख्य पर्व शुक्रवार, 4 सितंबर को मनाया जाएगा। पूजा और जन्मोत्सव से जुड़े कई धार्मिक कार्यक्रम मध्यरात्रि के बाद 5 सितंबर तक जारी रहेंगे। इसी वजह से प्रदेश सरकार के मुख्य आयोजन 4 सितंबर को रखे गए हैं।
बच्चों और युवाओं पर सरकार का विशेष फोकस
इस बार प्रदेश में जन्माष्टमी के आयोजनों में बच्चों और युवाओं की भागीदारी पर खास जोर दिया जा रहा है। स्कूलों की प्रतियोगिताओं से लेकर मुख्यमंत्री निवास में 1000 से ज्यादा बाल-कृष्णों की मौजूदगी और युवाओं के लिए श्रीकृष्ण से जुड़े साहित्य तक, सरकार पर्व को सांस्कृतिक शिक्षा और जनभागीदारी से जोड़कर मनाने की तैयारी कर रही है।
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