सुप्रीम कोर्ट ने ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ विवाद में यूट्यूबर और कॉमेडियन समय रैना समेत पांच कॉमेडियंस को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज सभी FIR और आपराधिक कार्यवाही रद्द करने का आदेश दिया है। मामला शो में दिव्यांग लोगों को लेकर की गई कथित असंवेदनशील टिप्पणियों से जुड़ा था।
मुख्य न्यायाधीश CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने समय रैना समेत अन्य कॉमेडियंस के हालिया सकारात्मक प्रयासों की भी सराहना की।
कोर्ट ने की सकारात्मक काम की तारीफ
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब सच्चे प्रयास किए जाते हैं तो सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं। कोर्ट ने कॉमेडियंस को होनहार युवा बताते हुए कहा कि अगर उन्होंने सकारात्मक दिशा में काम करना शुरू किया है तो इसके परिणाम भी सकारात्मक होंगे।
समय रैना के अलावा विपुल गोयल, बलराज परमजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर और निशांत जगदीश तंवर को भी इस मामले में राहत मिली है।
दिव्यांग लोगों के लिए किए गए काम का लिया संज्ञान
कोर्ट के सामने बताया गया कि समय रैना और अन्य कॉमेडियंस की ओर से दिव्यांग लोगों की मदद और उनके हित में कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। ऐसे कार्यक्रमों के जरिए करीब 9 लाख रुपये की राशि भी जुटाई गई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने इन प्रयासों को ध्यान में रखते हुए आरोपियों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही समाप्त करने का आदेश दिया।
मामले पर आगे भी होगी सुनवाई
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने व्यापक मुद्दे पर सुनवाई जारी रखने का फैसला किया है। कोर्ट यह देखना चाहता है कि दिव्यांग लोगों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर ऑनलाइन कंटेंट की निगरानी और नियमन के लिए किस तरह के उचित दिशा-निर्देश तैयार किए जा सकते हैं।
इस मामले में रणवीर इलाहाबादिया से जुड़ी याचिका अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। उन्हें पहले ही गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा मिल चुकी है।
‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ का विवादित एपिसोड नवंबर 2024 में शूट हुआ था और बाद में इसे समय रैना के YouTube चैनल पर प्रसारित किया गया था। इसके बाद शो से जुड़े कई लोगों के खिलाफ अलग-अलग स्थानों पर आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे।
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