प्रधानमंत्री Narendra Modi ने गुरुवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति Droupadi Murmu से शिष्टाचार मुलाकात की। राष्ट्रपति भवन के आधिकारिक X अकाउंट पर इस बैठक की जानकारी और तस्वीरें साझा की गईं। यह मुलाकात ऐसे समय हुई जब देश पश्चिम एशिया में बदलते भू-राजनीतिक हालात और उससे जुड़े संभावित प्रभावों पर लगातार नजर बनाए हुए है।
CCS की विशेष बैठक में हुई सुरक्षा और रणनीति पर समीक्षा
राष्ट्रपति से मुलाकात से पहले प्रधानमंत्री Narendra Modi ने Cabinet Committee on Security (CCS) की चौथी विशेष बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में पश्चिम एशिया के मौजूदा संकट, राष्ट्रीय सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और आर्थिक हितों की समीक्षा की गई।
प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, देश के आर्थिक हितों की रक्षा करने और सभी घटनाक्रमों पर नजर रखने के लिए एक समन्वित निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाए।
पेट्रोलियम और LPG की पर्याप्त उपलब्धता
बैठक में बताया गया कि भारत में कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता संतोषजनक बनी हुई है। LPG आयात के स्रोतों में पहले ही विविधता लाई जा चुकी है, जबकि केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र की रिफाइनरियां 100 प्रतिशत से अधिक क्षमता पर काम कर रही हैं। इससे पेट्रोल, डीजल और अन्य ईंधनों की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है।
Natural Gas और ऊर्जा आत्मनिर्भरता पर जोर
सरकार National Gas Grid, LNG Import और City Gas Distribution Network के विस्तार पर तेजी से काम कर रही है। साथ ही Pipeline Infrastructure Order, 2026 के तहत पाइपलाइन और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को समयबद्ध तरीके से मंजूरी दी जा रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए Solar Energy और अन्य Renewable Energy स्रोतों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
रबी सीजन और उर्वरक आपूर्ति की समीक्षा
बैठक में आगामी रबी सीजन के लिए उर्वरकों की उपलब्धता और वैकल्पिक आयात स्रोतों की भी समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को किसानों के लिए बिना किसी बाधा के उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
भारतीय नाविकों और प्रवासियों की सुरक्षा पर निर्देश
संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में कार्यरत भारतीय और विदेशी झंडे वाले जहाजों पर मौजूद नाविकों की सुरक्षा पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने निर्देश दिए कि नाविकों और उनके परिवारों को समय पर जानकारी, आपातकालीन सहायता और काउंसलिंग उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के लोगों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और उनके हितों की रक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे।
सरकार ने समन्वित कार्रवाई पर दिया जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों से उत्पन्न चुनौतियों का सामना करने के लिए सभी मंत्रालयों और एजेंसियों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने नागरिकों के हितों की रक्षा और तेजी से निर्णय लागू करने के लिए एक मजबूत और समन्वित तंत्र विकसित करने पर जोर दिया।
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